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कुंभ में सुविधा के लिए अब ऑनलाइन आवेदन
अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 18 Jul 2018 01:52 AM IST
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Kumbh Mela 2019
कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को टेंट आदि सुविधाओं के लिए अब मेला प्रशासन कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पूरी व्यवस्था ऑनलाइन होने जा रही है। इसके तहत आवेदन से लेकर पर्ची जारी करने तक की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। सामान टेंट में कब पहुंचेगा, इसकी जानकारी भी पर्ची में दर्ज रहेगी। इतना ही नहीं जमीन का आवंटन भी ऑनलाइन होगा। मेला क्षेत्र का नक्शा समेत सभी तरह के संबंधित दस्तावेज कंप्यूटर में फीड किए जा रहे हैं।
कुंभ या माघ मेला में जमीन आवंटन तथा सुविधाओं को लेकर सबसे अधिक विवाद होता है। पक्षपात के आरोप भी लगते रहे हैं, लेकिन अफसरों का दावा है कि आगामी कुंभ में इस तरह के विवाद कम होंगे। जमीन आवंटन तथा सुविधा उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है। इसमें पुरानी संस्थाओं का पूरा विवरण अपलोड किया जा रहा है। ऐसे में कोई भी पक्ष झूठा दावा नहीं कर पाएगा। सबकुछ स्क्रीन पर ऑनलाइन होगा। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि पुराने दस्तावेज की मदद से भूमि तथा सुविधाएं आवंटित की जाएंगी। परेड में पुरानी और नई संस्थाओं के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए जाएंगे, जहां से आवेदन कर सकेंगे। बताया, पूरे मेला क्षेत्र का कंप्यूटराइज्ड नक्शा भी तैयार कराया जा रहा है।
मेला में प्रतिबंधित रहेगी पॉलिथीन
0 मंगलवार को मेला प्रशासन कार्यालय पहुंचे मंडलायुक्त डॉ.आशीष कुमार गोयल ने कुंभ की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सेना के साथ समन्वय बनाकर काम करने की बात उठी। मेला में पॉलिथीन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विकल्पों पर विचार हुआ। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं को पॉलिथीन के विकल्प उपलब्ध कराए जाएं। मेला क्षेत्र में एक लाख से अधिक शौचालय बनाए जाएंगे। इनमें से 15 हजार स्टील के तथा इतनी ही संख्या में फाइबर के शौचालय बनाए जाएंगे। करीब 40 हजार कैंपों तथा 20 हजार की संख्या में विभिन्न एप्रोच रोड पर शौचालय बनाए जाएंगे। इनके अलावा 10 हजार से अधिक यूरिनल भी बनाए जाएंगे। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि इनके निर्माण के लिए निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बैठक में मेला क्षेत्र में ट्रैफिक प्लान, स्वच्छता आदि बिंदुओं पर भी चर्चा हुई।
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कुंभ या माघ मेला में जमीन आवंटन तथा सुविधाओं को लेकर सबसे अधिक विवाद होता है। पक्षपात के आरोप भी लगते रहे हैं, लेकिन अफसरों का दावा है कि आगामी कुंभ में इस तरह के विवाद कम होंगे। जमीन आवंटन तथा सुविधा उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है। इसमें पुरानी संस्थाओं का पूरा विवरण अपलोड किया जा रहा है। ऐसे में कोई भी पक्ष झूठा दावा नहीं कर पाएगा। सबकुछ स्क्रीन पर ऑनलाइन होगा। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि पुराने दस्तावेज की मदद से भूमि तथा सुविधाएं आवंटित की जाएंगी। परेड में पुरानी और नई संस्थाओं के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए जाएंगे, जहां से आवेदन कर सकेंगे। बताया, पूरे मेला क्षेत्र का कंप्यूटराइज्ड नक्शा भी तैयार कराया जा रहा है।
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मेला में प्रतिबंधित रहेगी पॉलिथीन
0 मंगलवार को मेला प्रशासन कार्यालय पहुंचे मंडलायुक्त डॉ.आशीष कुमार गोयल ने कुंभ की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सेना के साथ समन्वय बनाकर काम करने की बात उठी। मेला में पॉलिथीन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विकल्पों पर विचार हुआ। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं को पॉलिथीन के विकल्प उपलब्ध कराए जाएं। मेला क्षेत्र में एक लाख से अधिक शौचालय बनाए जाएंगे। इनमें से 15 हजार स्टील के तथा इतनी ही संख्या में फाइबर के शौचालय बनाए जाएंगे। करीब 40 हजार कैंपों तथा 20 हजार की संख्या में विभिन्न एप्रोच रोड पर शौचालय बनाए जाएंगे। इनके अलावा 10 हजार से अधिक यूरिनल भी बनाए जाएंगे। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि इनके निर्माण के लिए निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बैठक में मेला क्षेत्र में ट्रैफिक प्लान, स्वच्छता आदि बिंदुओं पर भी चर्चा हुई।
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