नैनी जेल शूटआउट कांड में भी शामिल था एक लाख का इनामी दीपक वर्मा
वाराणसी पुलिस ने सोमवार को एक लाख के वांछित बदमाश दीपक वर्मा को एक मुठभेड़ में मार गिराया। उसे काफी दिनों से पुलिस खोज रही थी। उसके खिलाफ पूर्वांचल के कई जिलों में मकुदमें दर्ज हैं।
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वाराणसी में एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में सोमवार को ढेर हुआ एक लाख का इनामी जिला पुलिस की वांटेड लिस्ट में भी शामिल था। दीपक वर्मा नाम के इस इनामी बदमाश की तलाश नैनी जेल शूटआउट कांड में सामने आने के बाद से ही उसकी तलाश की जा रही थी। जिला पुलिस की ओर से उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था जबकि वाराणसी जोन से वह एक लाख का इनामी था। एनकाउंटर के बाद वाराणसी पुलिस के साथ ही जिला पुलिस ने भी राहत की सांस ली है।
पांच जून 2016 को नैनी जेल के बाहर गैंगवार हुआ था। इसमें झूंसी के शेरडीह निवासी ज्ञानचंद यादव व लालता यादव को बम-गोलियों से भून दिया गया था। मामले में 10 आरोपी नामजद हुए थे जबकि नौ बदमाशों का नाम विवेचना के दौरान सामने आया था। इनमें से एक नाम दीपक वर्मा का भी था। जिला पुलिस पांच साल से उसकी तलाश में जुटी थी। विवेचना में नाम सामने आने के बाद उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित कराया गया था।
पूर्वांचल के शार्प शूटरों में था नाम
एक लाख का इनामी दीपक वर्मा शार्प शूटर था जो रईस सिद्दीकी गिरोह के लिए काम करता था। उसका नाम पूर्वांचल के टॉप शार्प शूटरों में शुमार था। हत्या, हत्या का प्रयास व अन्य धाराओं समेत उस पर कुल 23 मुकदमे दर्ज थे। वाराणसी के अलग अलग थाना क्षेत्रों में लूट की एक के बाद एक कई वारदातों को अंजाम देकर उसने सनसनी फैला दी थी। वाराणसी के लक्सा थाना क्षेत्र में नई बस्ती रामापूरा के रहने वाले दीपक का एक नाम गुड्डू भी था।
वसूलता था रंगदारी
चिकित्सकों से रंगदारी वसूलने और सराफा कारोबारियों में दहशत का दूसरा नाम दीपक वाराणसी के लक्सा थाना क्षेत्र के रामापुर नई बस्ती का निवासी था। वह पिछले चार-पांच साल से फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। वाराणसी समेत आसपास जिलों में 23 मुकदमे दर्ज थे। यूपी एसटीएफ वाराणसी इकाई के डिप्टी एसपी शैलेश सिंह की टीम को बदमाश के बारे में वहां होने की जानकारी हुई। टीम के पहुंचते ही दीपक ने खुद को घिरता देख फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान मुठभेड़ में एसटीएफ ने उसे मार गिराया।