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Prayagraj News: पूर्व सीएमएस को डिजिटल अरेस्ट कर 1.78 करोड़ ठगी के मामले में एक गिरफ्तार
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जॉर्जटाउन निवासी बेली अस्पताल की पूर्व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को डिजिटल अरेस्ट कर 1.78 करोड़ रुपये ठगने वाले गिरोह के एक सदस्य को साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। लखीमपुर खीरी के आयुष अवस्थी (29) ने मुंबई में बैठकर 10 फीसदी कमीशन के लालच में ठगी की रकम अपने खाते में ट्रांसफर कराई थी। पुलिस ने मामले में 64.61 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं।
वहीं, उसके दो सहयोगी लखीमपुर खीरी निवासी निशांत त्रिवेदी और पीलीभीत निवासी राजन शुक्ला की तलाश जारी है। डीसीपी सोनम कुमार और एडीसीपी पुष्कर वर्मा ने बताया कि पूर्व सीएमएस ने एक अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जालसाजों ने 26 अगस्त को कूरियर कर्मचारी बनकर व्हाट्सएप कॉल की। उन्होंने मादक पदार्थ पार्सल और आधार कार्ड मिलने का झांसा दिया। करीब एक महीने तक पीड़िता को डिजिटल अरेस्ट किया गया। गिरफ्तारी का डर दिखाकर 1.78 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए गए। पीड़िता ने अपनी बेटी को जानकारी दी, तब मामले का खुलासा हुआ। जांच में आयुष अवस्थी के करेंट अकाउंट में 48.50 लाख रुपये ट्रांसफर मिले। साइबर प्रभारी राघवेंद्र सिंह की टीम ने आयुष को लखीमपुर खीरी से गिरफ्तार किया।
आरोपी आयुष ने की है एलएलबी की पढ़ाई
आयुष ने एलएलबी तक पढ़ाई की है और एक फर्म में नुकसान के कारण कर्ज में डूब गया था। गांव के निशांत त्रिवेदी ने उसकी मुलाकात पीलीभीत के राजन शुक्ला से कराई। राजन पहले से साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा था। उसने आयुष को ठगी की रकम अपने खाते में मंगाने के बदले 10 फीसदी कमीशन का लालच दिया। आयुष के करेंट अकाउंट में आठ लाख रुपये और 40 लाख रुपये की दो बीमा पॉलिसी भी मिलीं।
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आयुष के खिलाफ दहेज हत्या का भी दर्ज है मामला
छह सितंबर को आयुष, निशांत और राजन मुंबई पहुंचे और एक होटल से पीड़िता को ठगी का शिकार बनाया। अब तक की पड़ताल में करीब 3.80 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी मिली है। आयुष के खिलाफ लखीमपुर खीरी के गोला थाने में दहेज हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हैं। 1.78 करोड़ रुपये में से 1.14 करोड़ रुपये की रकम का अभी पता नहीं चला है।
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वहीं, उसके दो सहयोगी लखीमपुर खीरी निवासी निशांत त्रिवेदी और पीलीभीत निवासी राजन शुक्ला की तलाश जारी है। डीसीपी सोनम कुमार और एडीसीपी पुष्कर वर्मा ने बताया कि पूर्व सीएमएस ने एक अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जालसाजों ने 26 अगस्त को कूरियर कर्मचारी बनकर व्हाट्सएप कॉल की। उन्होंने मादक पदार्थ पार्सल और आधार कार्ड मिलने का झांसा दिया। करीब एक महीने तक पीड़िता को डिजिटल अरेस्ट किया गया। गिरफ्तारी का डर दिखाकर 1.78 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए गए। पीड़िता ने अपनी बेटी को जानकारी दी, तब मामले का खुलासा हुआ। जांच में आयुष अवस्थी के करेंट अकाउंट में 48.50 लाख रुपये ट्रांसफर मिले। साइबर प्रभारी राघवेंद्र सिंह की टीम ने आयुष को लखीमपुर खीरी से गिरफ्तार किया।
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आरोपी आयुष ने की है एलएलबी की पढ़ाई
आयुष ने एलएलबी तक पढ़ाई की है और एक फर्म में नुकसान के कारण कर्ज में डूब गया था। गांव के निशांत त्रिवेदी ने उसकी मुलाकात पीलीभीत के राजन शुक्ला से कराई। राजन पहले से साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा था। उसने आयुष को ठगी की रकम अपने खाते में मंगाने के बदले 10 फीसदी कमीशन का लालच दिया। आयुष के करेंट अकाउंट में आठ लाख रुपये और 40 लाख रुपये की दो बीमा पॉलिसी भी मिलीं।
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आयुष के खिलाफ दहेज हत्या का भी दर्ज है मामला
छह सितंबर को आयुष, निशांत और राजन मुंबई पहुंचे और एक होटल से पीड़िता को ठगी का शिकार बनाया। अब तक की पड़ताल में करीब 3.80 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी मिली है। आयुष के खिलाफ लखीमपुर खीरी के गोला थाने में दहेज हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हैं। 1.78 करोड़ रुपये में से 1.14 करोड़ रुपये की रकम का अभी पता नहीं चला है।