IERT : आईईआरटी डिप्लोमा कोर्स के लिए पिछले वर्ष से डेढ़ गुना आवेदन, 26 व 29 जून को होगी प्रवेश परीक्षा
पिछले कुछ वर्षों से डिप्लोमा के बजाय युवा बीटेक करना पसंद कर रहे थे। युवाओं के रुझान को देखते हुए प्रदेश में बीटेक के तमाम कॉलेज खुले, लेकिन अब बीटेक वालों की सिलेक्शन दर गिरी है। वहीं, डिप्लोमा वालों की मांग बढ़ गई है।
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एक बार फिर से डिप्लोमा कोर्स के लिए मारामारी शुरू हो गई है। इस बार इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड रूरल टेक्नोलॉजी (आईईआरटी) में पिछले वर्ष के सापेक्ष डेढ़ गुना आवेदन आए हैं। यहां से डिप्लोमा करने वाले अधिकतर अभ्यर्थियों को अच्छे पैकेज पर निजी कंपनियों में नौकरी मिल गई है। इसलिए अब बीटेक के बजाय कई अभ्यर्थी डिप्लोमा को तरजीह दे रहे हैं। इसकी प्रवेश परीक्षा 26 और 29 जून को होगी।
पिछले कुछ वर्षों से डिप्लोमा के बजाय युवा बीटेक करना पसंद कर रहे थे। युवाओं के रुझान को देखते हुए प्रदेश में बीटेक के तमाम कॉलेज खुले, लेकिन अब बीटेक वालों की सिलेक्शन दर गिरी है। वहीं, डिप्लोमा वालों की मांग बढ़ गई है। डिप्लोमा करने वालों को अच्छे पैकेज पर नौकरी मिल रही है। आईईआरटी से 2022-23 में डिप्लोमा करने वाले 97 प्रतिशत अभ्यर्थियों को नौकरी मिली। सत्र 2021- 22 में भी सेलेक्शन ऐसा ही रहा।
डिप्लोमा करने वालों का चयन मारुति सुजुकी, अदाणी ग्रुप, टाटा ग्रुप, एलएंडटी, प्रिज्म सीमेंट, जेपी ग्रुप आदि में हुआ है। कैंपस प्लेसमेंट को देखते हुए इस बार आवेदन बढ़ गए हैं। परीक्षा सचिव उमा शंकर वर्मा ने बताया कि 15 फरवरी से 12 मई तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। उसके बाद 13 से 15 मई तक आवेदन में संशोधन हुआ। उन्होंने बताया कि संस्थान में तीन वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा के 13 पाठ्यक्रम, दो वर्षीय मैनेजमेंट डिप्लोमा के तीन और डेढ़ वर्षीय डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन के एक पाठ्यक्रम के लिए 1200 सीटें हैं। इन सीटों के सापेक्ष 7412 आवेदन आए हैं। पिछले वर्ष 5166 और उससे पहले पांच हजार आवेदन आए थे।
यह कोर्स हैं
आईईआरटी से इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, प्लास्टिक टेक्नोलाॅजी, इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन टेक्नोलाॅजी, पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग, पावर प्लांट इंजीनियरिंग, प्रोडक्शन इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, टूल इंजीनियरिंग, रेफ्रीजरेशन एंड एयर कूलिंग इंजीनियरिंग और ट्यूब वेल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा होता है। इन्हीं कोर्स के लिए मारामारी होती है। इसके अलावा मैनेजमेंट और कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा होता है। इन कोर्स के लिए वार्षिक शुल्क 19,840 रुपये है।
कोरोना के बाद से कम हुए थे आवेदन
आईईआरटी में आवेदन की गिरावट कोराना काल में 2019 से आई थी। उस दौरान करीब पांच हजार आवेदन आए थे। इससे पहले प्रत्येक वर्ष करीब 20 हजार आवेदन आते थे। कोरोना के बाद अब आवेदनों में बढ़ोतरी हुई है।
एक चौथाई की निगेटिव मार्किंग
परीक्षा सचिव ने बताया कि इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा 26 जून को सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक कराई जाएगी। वहीं, अन्य कोर्स के लिए 29 जून को सुबह 10 से एक बजे तक परीक्षा होगी। इसमें एक चौथाई निगेटिव मार्किंग है। इसका प्रवेश पत्र वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।