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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   On the same day as Mouni Amavasya, Priyanka Gandhi's plan to go to Baswar

मौनी अमावस्या के ही दिन बन गया था प्रियंका गांधी का बसवार जाने का प्लान

Sun, 21 Feb 2021 02:52 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 21 Feb 2021 02:52 PM IST
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On the same day as Mouni Amavasya, Priyanka Gandhi's plan to go to Baswar
नाव चलातीं प्रियंका गांधी - फोटो : अमर उजाला

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बसवार गांव जाने का प्लान मौनी अमावस्या को संम पर प्रियंका के आगमन के दौरान ही तैयार कर लिया गया था। मौनी अमावस्या को प्रयागराज संगम में प्रियंका गांधी ने डुबकी लगाई थी और मनकामेश्वर मंदिर में दर्शन पूजन कर शंकराचार्य ज्योतिष शारदापीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का आशीर्वाद लिया था।

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दस दिन पहले अपने दौरे के समय प्रियंका गांधी ने नांव से संगम की सैर की थी और खुद ही चप्पू चलाया था। इस दौरान उनके साथ नाव पर मौजूद नाविक से उन्होंने बातचीत और उसके समाज की समस्याओं को पूछा था। नाविक के द्वारा चार फरवरी को घूरपुर पुलिस के द्वारा मछुआरा समाज के लोगों पर किए गए बर्रबरता के बारे मे बताया गया।

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On the same day as Mouni Amavasya, Priyanka Gandhi's plan to go to Baswar
prayagraj news : संगम तट पर युवती के साथ सेल्फी लेतीं प्रियंका गांधी। - फोटो : prayagraj

इसके बाद ही प्रियंका ने उसको आश्वासन दिया था वह शीघ्र ही उसके गांव आएंगी और मछुआरा समाज के लोगों से उन पर हुए अत्याचार के बारे मे बातचीत करेंगी और उनको न्याय दिलाने का प्रयास करेंगी। मौनी अमावस्या के दौरे के दौरान सुजीत निषाद नाम के मछुआरे ने अपनी नाव पर प्रियंका गांधी को लेकर संगम तक गया था। उसके हाथ से पतवार लेकर प्रियंका ने खुद ही नाव को चलाया और उससे बातचीत की थी। 

क्या है पूरा मामला 

उत्तर प्रदेश सरकार ने 24 जून 2019 को पूरे प्रदेश में बालू खनन में नाव का प्रयोग प्रतिबंधित कर दिया था। इससे तमाम निषाद बेरोजगार हो गए। घूरपुर के पास बसवार गांव में इसके पहले 30 जनवरी को राज कंस्ट्रक्शन का ठेका था, जो बंद हो गया है। 4 फरवरी को कुछ लोगों ने शिकायत की कि यहां पर अवैध खनन हो रहा है। पुलिस, प्रशासन और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर खनन में लिप्त नावों को तोड़ दिया था। इस पर ग्रामीण उग्र हो गए। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसमें महिलाओं समेत 30 से अधिक ग्रामीण चोटिल हो गए। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस ने खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई न करके छोटे नाविकों की 16 नावों को तोड़ दिया था। मामले में पुलिस ने 200 से अधिक ग्रामीणों के खिलाफ FIR दर्ज किया था।

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