Ram Mandir : प्राण-प्रतिष्ठा पर संगम से शहर तक दीवाली, रोशनी से जगमगा उठीं चारों दिशाएं
शहर के सुभाष चौराहे, सरदार पटेल मार्ग, एमजी मार्ग, चौक, जानसेनगंज, हिम्मतगंज सहित सभी इलाकों में भंडारे और प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। सायंकाल संगम से लेकर शहर तक दीपक जलाए गए।
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प्राण-प्रतिष्ठा के बाद संगमनगरी में जगह जगह उत्साह है। पूरे शहर सहित जनपद के कोने कोने में ध्वजा पताका और दीपक जलाकर रामभक्त रामलला का स्वागत कर रहे हैं। शहर के सुभाष चौराहे, सरदार पटेल मार्ग, एमजी मार्ग, चौक, जानसेनगंज, हिम्मतगंज सहित सभी इलाकों में भंडारे और प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। सायंकाल संगम से लेकर शहर तक दीपक जलाए गए। संगम इलाके में कल्पवासी समेत साधु संतों के आश्रम में दीपक जलाकर भगवान राम की पूजा की गई और रामलला के विराजमान होने पर खुशी मनाई गई। श्री बड़े हनुमानजी का दर्शन करने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। प्रभु श्रीराम के आगमन की खुशी में संगम से शहर तक भवनों, चौराहों को रंग-बिरंगी झालरों से सजा दिया गया है।
उधर, माघ मेले में चार हजार से अधिक संतों-कल्पवासियों के शिविरों में राम ज्योति जलाई गई। जय त्रिवेणी जय प्रयाग और हरिहर गंगा आरती कमेटी की ओर से विशेष गंगा आरती की गई। संगम के सभी घाट रोशनी से जगमगा उठे। विहिप के शिविर में 50 फीट की विशाल रंगोली अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से बनाई गई है, इसको देखने के लिए भारी भीड़ जुट रही है। परेड ग्राउंड में भगवान रामलला मंदिर का वृहद मॉडल तैयार किया गया है। यहां दर्शन पूजन और सेल्फी लेने के लिए भीड़ उमड़ रही है।
पांच सेक्टरों में बसे माघ मेले में संतों, श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के शिविरों से कहीं राम ध्वजा यात्राएं निकाली गईं। हर जगह रामोत्सव किया जा रहा है। भजन संध्याओं के जरिए मेला क्षेत्र को प्रभु श्रीराम के भजनों से संगीतमय बना दिया गया है। इस बीच मेला प्रशासन ने भी प्राण-प्रतिष्ठा के दिन को यादगार बनाने की तैयारी की है।
लोग जहां-तहां झूमते -इतराते रहे हैं। सुभाष चौराहा, अंबेडकर चौराहा, राणा प्रताप चौराहा समेत शहर के सौ से अधिक चौराहों को भव्य सजाया गया है। इंदिरा भवन समेत सरकारी भवनों और संस्थानों की भी सजावट कराई गई है।
माघ मेले में बसने वाली संस्थाओं, संतों के शिविरों में राम पर आधारित कार्यक्रम किए जाएंगे। माघ मेले के सेंट्रल हॉल से प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन के भजन पूरे मेला क्षेत्र में गूंजते रहेंगे। राम लीलाओं का मंचन तो होगा ही, भजन संध्याएं भी आयोजित की गई हैं। खास तौर से उस दिन संगम पर दीपोत्सव भी होगा। रामज्योति जलाकर संगम तट पर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को यादगार बनाया जाएगा। इसके लिए दीयों का वितरण आरंभ कर दिया गया है। दीपदान कर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दिन संगम की रेती पर दीपावली मनाई जाएगी।