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High Court : सेवानिवृत्ति के बाद नियुक्ति को अवैध घोषित करने वाले अधिकारियों ने बिना शर्त माफी मांगी
Sat, 14 Mar 2026 04:31 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 14 Mar 2026 04:31 PM IST
सार
32 साल की सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारी की नियुक्ति को अवैध घोषित करने के मामले में अधिकारियों ने बिना शर्त माफी मांगी। इस पर न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने विवादित आदेश को रद्द कर दिया।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
32 साल की सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारी की नियुक्ति को अवैध घोषित करने के मामले में अधिकारियों ने बिना शर्त माफी मांगी। इस पर न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने विवादित आदेश को रद्द कर दिया।
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हाथरस के सेठ हरचरन दास गर्ल्स इंटर कॉलेज में मदन मोहन गौतम लिपिक के पद नियुक्त हुए थे। 31 जुलाई 2025 को वह सेवानिवृत्त हुए। 28 अक्तूबर 2025 को नियुक्ति अवैध घोषित कर दी गई तो उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी। इस पर अधिकारियों को तलब किया गया था।
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डीआईओएस संत प्रकाश और संयुक्त शिक्षा निदेशक/डीडीओ अलीगढ़ मनोज गिरि व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित हुए। वहां स्वीकार किए कि बिना उचित जांच व पक्ष सुने जारी आदेश प्रथम दृष्टया अवैध था। अधिकारियों ने इस गंभीर त्रुटि के लिए कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी।
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विशेष सचिव को भेजा निर्देश
हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार के विशेष सचिव को निर्देश दिया है कि भविष्य में इस मामले में कोई नई जांच शुरू की जाती है तो वह पूरी तरह से कानूनी प्रावधानों के अनुरूप और प्रभावित पक्ष को सुनवाई का अवसर देने के बाद ही की जाए। यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य की किसी भी कार्यवाही में पूर्व के न्यायिक दृष्टांतों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।