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ऑक्टा का चुनाव 14 अप्रैल तक
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Octa election before April 14
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प्रयागराज। ऑक्टा कार्यकारिणी का चुनाव अप्रैल के पहले या दूसरे सप्ताह में आयोजित किया जाएगा। मार्च के प्रथम सप्ताह में कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमें चुनाव की तिथि और महाविद्यालय में ऑक्टा पर्यवेक्षणों की घोषणा होगी। यह निर्णय बृहस्पतिवार को सीएमपी डिग्री कॉलेज में हुई ऑक्टा की बैठक में लिया गया।
बैठक में तय हुआ कि विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव की तिथि निर्धारित की जाएगी। महाविद्यालय इकाइयों का चुनाव 15 से 30 मार्च के बीच होगा। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सीएमपी कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. सत्येंद्र नाथ मुख्य चुनाव अधिकारी होेंगे। इससे पूर्व भी तीन चुनाव उन्हीं की देखरेख में हुए हैं। उप चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति ऑक्टा कार्यकारिणी की अगली बैठक में होगी। बैठक में बताया गया कि चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम वर्ष की अर्हता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।
कार्यकारिणी में यह निर्णय भी हुआ कि अप्रैल 2018 से पहले चुनाव की हो अर्हता थी, उसे ही लागू किया जाएगा। इसके अलावा अब कोई भी शिक्षक जो ऑक्टा का आजीवन सदस्य हो, वह किसी भी पद पर चुनाव लड़ सकता है। निर्णय लिया गया कि 15 मार्च तक वोटर लिस्ट को अंतिम रूप दे दिया जाएगा और 15 के बाद किसी भी शिक्षक का नाम वोटर लिस्ट में नहीं जोड़ा जाएगा। ऑक्टा के महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह ने वर्ष 2018-19 का वास्तविक बजट और 2019-20 का अनुमानित बजट भी आम सभा में पेश किया।
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इस दौरान 109 शिक्षकों को प्रोन्नति के बाद एरियर न मिलने, समय से वेतन न मिल पाने, शिक्षकों को मेडिकल बिल के भुगतान में देरी का मुद्दा भी उठा। बैठक में यह भी कहा गया कि इस समय विश्वविद्यालय में जो स्थितियां हैं, वह महाविद्यालयों के प्रतिकूल हैं, इसलिए ऑक्टा को सतर्क रहने की जरूरत है। बैठक में ऑक्टा अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह, महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह, डॉ. रणधीर सिंह, डॉ. अनुपम आनंद, डॉ. केएन सिंह, डॉ. उमेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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बैठक में तय हुआ कि विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव की तिथि निर्धारित की जाएगी। महाविद्यालय इकाइयों का चुनाव 15 से 30 मार्च के बीच होगा। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सीएमपी कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. सत्येंद्र नाथ मुख्य चुनाव अधिकारी होेंगे। इससे पूर्व भी तीन चुनाव उन्हीं की देखरेख में हुए हैं। उप चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति ऑक्टा कार्यकारिणी की अगली बैठक में होगी। बैठक में बताया गया कि चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम वर्ष की अर्हता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।
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कार्यकारिणी में यह निर्णय भी हुआ कि अप्रैल 2018 से पहले चुनाव की हो अर्हता थी, उसे ही लागू किया जाएगा। इसके अलावा अब कोई भी शिक्षक जो ऑक्टा का आजीवन सदस्य हो, वह किसी भी पद पर चुनाव लड़ सकता है। निर्णय लिया गया कि 15 मार्च तक वोटर लिस्ट को अंतिम रूप दे दिया जाएगा और 15 के बाद किसी भी शिक्षक का नाम वोटर लिस्ट में नहीं जोड़ा जाएगा। ऑक्टा के महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह ने वर्ष 2018-19 का वास्तविक बजट और 2019-20 का अनुमानित बजट भी आम सभा में पेश किया।
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इस दौरान 109 शिक्षकों को प्रोन्नति के बाद एरियर न मिलने, समय से वेतन न मिल पाने, शिक्षकों को मेडिकल बिल के भुगतान में देरी का मुद्दा भी उठा। बैठक में यह भी कहा गया कि इस समय विश्वविद्यालय में जो स्थितियां हैं, वह महाविद्यालयों के प्रतिकूल हैं, इसलिए ऑक्टा को सतर्क रहने की जरूरत है। बैठक में ऑक्टा अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह, महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह, डॉ. रणधीर सिंह, डॉ. अनुपम आनंद, डॉ. केएन सिंह, डॉ. उमेश सिंह आदि मौजूद रहे।