फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   oard on the bridge: This bridge is damaged, travel with caution

Prayagraj : सेतु पर लगा बोर्ड: यह पुल क्षतिग्रस्त है, संभल कर यात्रा करें

Mon, 04 Mar 2024 02:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 04 Mar 2024 02:23 PM IST
सार

इस पुल के दोनों तरफ बैरियर चैनल लगाए जाने के बाद अब सिर्फ दो पहिया वाहनों जबकि समानांतर बने पुल से चार पहिया वाहनों का अवागमन हो रहा है। लोक निर्माण विभाग इस पुल को ध्वस्त करने की योजना बना रहा है, क्योंकि पुल इतना अधिक क्षतिग्रस्त है कि इसकी मरम्मत नहीं हो सकती।

विज्ञापन
oard on the bridge: This bridge is damaged, travel with caution
हाईकोर्ट पानी टंकी पुल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चौक-खुल्दाबाद-करेली को सिविल लाइंस से जोड़ने वाले करीब 50 वर्ष पुराने हाईकोर्ट के पानी टंकी पुल से आवागमन के लिए लोग अब खुद जिम्मेदार होंगे। क्षतिग्रस्त घोषित होने के कारण पुल के दोनों छोर पर बैरियर चैनल लगाकर चार पहिया वाहनों का अवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब इस सेतु के दोनों ओर पुल क्षतिग्रस्त है, संभल कर यात्रा करें .... का बोर्ड भी लगा दिया गया है।

विज्ञापन


इस पुल के दोनों तरफ बैरियर चैनल लगाए जाने के बाद अब सिर्फ दो पहिया वाहनों जबकि समानांतर बने पुल से चार पहिया वाहनों का अवागमन हो रहा है। लोक निर्माण विभाग इस पुल को ध्वस्त करने की योजना बना रहा है, क्योंकि पुल इतना अधिक क्षतिग्रस्त है कि इसकी मरम्मत नहीं हो सकती।
विज्ञापन


वैसे लोक निर्माण विभाग इस पुल को तोड़ने के बाद क्या इसी स्थान पर कोई दूसरा पुल बनाएगा? इस पर अभी कोई परियोजना प्रस्तावित नहीं है। ऐसे में पुल टूटने के बाद लोगों की समस्याओं में काफी इजाफा हो जाएगा। लोगों का कहना है कि हाईकोर्ट पानी टंकी का पुल शहर के दिल की धड़कन से कम नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पुल के क्या हैं लाभ
 

1- यह पुल पुराने और नए शहर के बीच की कड़ी है। खुल्दाबाद, हिम्मतगंज, लूकरगंज, लीडर रोड, करबला, राजरूपपुर, चकिया, बेनीगंज, करेली, सिविल लाइंस सहिन अन्य इलाकों को आपस में जोड़ने का काम करता है।
2- इस पुल से प्रतिदिन दो से तीन हजार वाहनों का आवगमन होता है।
3-हाईकोर्ट पानी टंकी पुल के माध्यम से समय की काफी बचत होती है, क्योंकि इसके विकल्प के तौर पर बने चौफटका तथा जानसेनगंज मार्ग से आने-जाने में 15 से 20 मिनट अतिरिक्त समय लगता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed