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देश में सीएए का विरोध करने वालों से ज्यादा है उसका समर्थन करने वाले लोग
Sat, 08 Feb 2020 02:39 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 08 Feb 2020 02:39 PM IST
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Number of supporters is more than those who oppose CAA
- फोटो : CITY DESK
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश ने शुक्रवार को कहा कि देश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध करने वालों से कहीं ज्यादा संख्या इसका समर्थन करने वाले लोगों की है। शायद इसी वजह से सीएए के समर्थन में पार्टी द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत पांच करोड़ लोगों की मिस्ड काल का लक्ष्य पूरा होने को है। राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री ने यह बातें मेडिकल कालेज के प्रीतम दास प्रेक्षागृह में आयोजित ‘राष्ट्रवाद की ओर बढ़ते कदम’ विषयक संगोष्ठी में कही।
उन्होंने कहा कि सीएए का विरोध मुख्य रूप से जेएनयू, जामिया मिलिया, अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी, हैदराबाद और जाधवगढ़ में हो रहा है। देश आजाद होने के बाद जो सरकारें बनी उसमें पूरी तरह से अंग्रेजों की छाया रही। केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह पहली सरकार भारत की मूल अवधारणा स्थापित कर रही है। कहा कि वर्ष 1946 में जोगेंद्र नाथ मंडल ने मुस्लिम लीग के पक्ष में प्रचार किया। फिर वह पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री बने, लेकिन 1951 में वापस भागकर पश्चिमी बंगाल पहुंच गए। 1952 में गुमनामी में उनकी मौत हुई। आज भी पाकिस्तान, बंगलादेश, अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक भाग कर भारत आ रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पश्चिमी बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने कहा कि सीएए को लेकर मुसलमानों को भ्रमित किया जा रहा है। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को उन्होंने देशहित में बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति राम सूरत राम मौर्य ने सीएए पर प्रकाश डाला। भाजपा विधि प्रकोष्ठ द्वार आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र संगठन मंत्री रत्नाकर, प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रशांत सिंह अटल, भाजपा महानगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी, देवेंद्र नाथ मिश्र, रणजीत सिंह, डा. नरेंद्र कुमार सिंह गौर, शशि वार्ष्णेय, विधायक हर्ष वर्धन बाजपेयी, डा. यज्ञदत्त शर्मा, राकेश पांडेय, राधाकांत ओझा, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि सीएए का विरोध मुख्य रूप से जेएनयू, जामिया मिलिया, अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी, हैदराबाद और जाधवगढ़ में हो रहा है। देश आजाद होने के बाद जो सरकारें बनी उसमें पूरी तरह से अंग्रेजों की छाया रही। केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह पहली सरकार भारत की मूल अवधारणा स्थापित कर रही है। कहा कि वर्ष 1946 में जोगेंद्र नाथ मंडल ने मुस्लिम लीग के पक्ष में प्रचार किया। फिर वह पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री बने, लेकिन 1951 में वापस भागकर पश्चिमी बंगाल पहुंच गए। 1952 में गुमनामी में उनकी मौत हुई। आज भी पाकिस्तान, बंगलादेश, अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक भाग कर भारत आ रहे हैं।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पश्चिमी बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने कहा कि सीएए को लेकर मुसलमानों को भ्रमित किया जा रहा है। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को उन्होंने देशहित में बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति राम सूरत राम मौर्य ने सीएए पर प्रकाश डाला। भाजपा विधि प्रकोष्ठ द्वार आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र संगठन मंत्री रत्नाकर, प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रशांत सिंह अटल, भाजपा महानगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी, देवेंद्र नाथ मिश्र, रणजीत सिंह, डा. नरेंद्र कुमार सिंह गौर, शशि वार्ष्णेय, विधायक हर्ष वर्धन बाजपेयी, डा. यज्ञदत्त शर्मा, राकेश पांडेय, राधाकांत ओझा, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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