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अब जगमोहन यादव के आयोग का चेयरमैन बनने की चर्चा

Wed, 02 Mar 2016 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Wed, 02 Mar 2016 01:25 AM IST
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Now the commission chairman Jagmohan Yadav recalled

पीसीएस-2015 का रिजल्ट घोषित होने के साथ ही पूर्व डीजीपी जगमोहन यादव को लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। सोमवार को घोषित पीसीएस के अंतिम परिणाम में उनके बेटे सिद्धार्थ यादव ने टॉप किया है। माना जा रहा है कि  बेटे का पीसीएस में बतौर टॉपर चयन होने के बाद जगमोहन यादव के अध्यक्ष बनने के रास्ते की बाधा भी दूर हो गई है। 

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आयोग की ओर से पूर्व में घोषित पीसीएस के रिजल्ट में एक जाति विशेष के अभ्यर्थियों के चयन की लगातार शिकायतें होती रहीं। हालांकि आयोग के नए अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार जैन का दावा था कि इस बार परिणाम में किसी तरह की शिकायत नहीं मिलेगी। चयनितों की सूची से उनके दावे को बल भी मिल रहा है लेकिन पीसीएस-2015 में सिद्धार्थ यादव के टॉप करने और आयोग अध्यक्ष के पद पर उनके पिता पूर्व डीजीपी जगमोहन यादव के नाम की चर्चा से प्रतियोगियों के जेहन में कई तरह की आशंकाएं भी पनप रहीं हैं। सोशल मीडिया पर प्रतियोगियों के बीच बहस भी शुरू हो गई है। हालांकि इस दौड़ में नए अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार जैन, आयोग के ही एक अन्य अफसर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर समेत कई लोग शामिल हैं। 

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जगमोहन यादव एवं अन्य लोगों के अध्यक्ष की दौड़ में शामिल होने की कयासबाजी काफी दिनों से है। पूर्व डीजीपी जगमोहन का बेटा सिद्धार्थ पीसीएस-2015 के इंटरव्यू में शामिल हुआ था। कहा तो यहां तक जा रहा है कि अध्यक्ष के चयन में देरी के पीछे यह मुख्य वजह रही। अन्यथा, उनकी ताजपोशी पहले ही हो चुकी होती लेकिन ऐसी स्थिति में जगमोहन यादव को इंटरव्यू प्रक्रिया से खुद को अलग करना पड़ता। इसके अलावा बेटे के चयन और टॉप करने पर कई तरह के सवाल खड़े होते। 

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अब बाधा दूर होने की बात कही जा रही है। डॉ.सुनील कुमार जैन का कार्यकाल पिछले महीने की नौ तारीख को ही पूरा हो गया था। सरकार की संस्तुति पर उनका कार्यकाल एक महीने यानी नौ मार्च तक के लिए बढ़ाया गया है। इसके अलावा चयन समिति की भी बैठक हो चुकी है। ऐसे में नौ मार्च तक इस कयासबाजी पर से परदा उठ जाने की उम्मीद की जा रही है।

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