Prayagraj : अब एक क्लिक-स्क्रीन टच पर पहुंचेगा समन व वारंट, जिले में सभी थानों में ई-समन प्रणाली हुई लागू
जिले के सभी थानों में ई-समन प्रणाली लागू कर दी गई है। इसके तहत कोर्ट से थानों तक समन व वारंट ई-माध्यम से पहुंचेंगे। पुलिस चाहे तो डिजिटल माध्यम से ई-समन को तामील भी करा सकती है।
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जिले के सभी थानों में ई-समन प्रणाली लागू कर दी गई है। इसके तहत कोर्ट से थानों तक समन व वारंट ई-माध्यम से पहुंचेंगे। पुलिस चाहे तो डिजिटल माध्यम से ई-समन को तामील भी करा सकती है। परंपरागत तरीके से समन भेजने में जहां काफी समय और संसाधनों की खपत होती थी। वहीं, अब यह कार्य कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकेगा।
अब तक समन व वारंट जारी किए जाने के बाद उसे पैरोकार संबंधित थाने तक पहुंचाता था। इसमें काफी वक्त लगता था और कई बार समय से तामील न होने पर देरी का जिम्मेदार एक-दूसरे को बताया जाता था। थानों से भी समन तामील कराने की प्रक्रिया मैनुअल ही होती थी। यानी, यहां से एक पुलिसकर्मी ही संबंधित व्यक्ति तक समन पहुंचाता था। इसमें वक्त के साथ ही मैनपॉवर की भी आवश्यकता पड़ती थी। ई-समन प्रणाली लागू होने से यह दिक्कतें खत्म हो गई हैं।
क्या है ई-समन प्रणाली?
डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि ई-समन प्रणाली एक डिजिटल पोर्टल आधारित सेवा है। इसके माध्यम से न्यायालय की ओर से जारी किया गया समन संबंधित थाने और व्यक्ति तक इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजा जाता है। इसमें तामील प्रक्रिया की जानकारी भी हर स्तर पर ऑनलाइन अपडेट होगी। यह व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया को गति देगी। साथ ही जिम्मेदारों को और जवाबदेह भी बनाएगी।
ई-समन प्रणाली के प्रमुख लाभ
1. समय की बचत : समन तामील की प्रक्रिया अब हफ्तों की बजाय कुछ घंटों या दिनों में पूरी हो सकेगी। इससे न्यायालय की सुनवाई में अनावश्यक देरी नहीं होगी।
2. पारदर्शिता में वृद्धि : समन के तामील की हर जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज होगी। इससे किसी प्रकार की गड़बड़ी या लापरवाही की संभावना लगभग न के बराबरी होगी।
3. प्रशासनिक दक्षता : थानों पर समन की मैनुअल एंट्री यानी इसे रजिस्टर में दर्ज करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। इससे पुलिसकर्मियों का समय बचेगा।
4. कागज रहित कार्यप्रणाली : इससे पर्यावरण संरक्षण भी हो सकेगा। इससे अब समन की प्रिंट कॉपी की आवश्यकता नहीं होगी।
5. जनता को राहत : संबंधित व्यक्ति को समन की जानकारी समय पर मिलेगी। इससे उन्हें कोर्ट में समय से पेश होने का मौका मिलेगा और गिरफ्तारी जैसी स्थिति से बचा जा सकेगा।
ई-समन प्रणाली के लागू होने से पुलिस थानों का कार्यभार कम हुआ है। साथ ही समन तामील में जवाबदेही भी बढ़ी है। इससे केसों की सुनवाई की गति तेज होगी और अनावश्यक विलंब से बचा जा सकेगा। - विवेक चंद्र यादव, डीसीपी यमुनानगर