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अब छठीं से आठवीं तक स्कूल चलाने वालों को मान्यता देगा सीबीएसई, नहीं होगी मनमानी
Fri, 17 May 2019 11:20 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 17 May 2019 11:20 AM IST
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सीबीएसई पैटर्न का बोर्ड लगाकर मनमाने तरीके से आठवीं तक का स्कूल चलाने वाले अब सावधान हो जाएं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अब छठवीं से आठवीं कक्षा तक के स्कूलों के लिए मान्यता लेना अनिवार्य कर दिया है।
बोर्ड की ओर से जारी सूचना में इन स्कूलों को भी अब एफिलेशन बाइलाज में शामिल किया गया है। इस बदलाव को 2019 से ही लागू कर दिया गया है। सीबीएसई के इस बदलाव के बाद स्कूलों को नौवीं और दसवीं के लिए मान्यता लेना ज्यादा आसान हो जाएगा।
बोर्ड के इस निर्णय के बाद बिना मान्यता स्कूल चलाने वालों पर लगाम लगने के साथ आठवीं के नौवीं में दाखिले के लिए बाद छात्र-छात्राओं को भटकना नहीं पड़ेगा।
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देश के हर शहर में सैकड़ों की संख्या में सीबीएसई पैटर्न का बोर्ड लगाकर स्कूल चलाए जा रहे हैं। ऐसे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को आठवीं पास करने के बाद नौवीं में प्रवेश के दौरान परेशानी होती है। सीबीएसई के बदले नियम के बाद अब स्कूल वाले मनमानी नहीं कर सकेंगे।
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बोर्ड की ओर से जारी सूचना में इन स्कूलों को भी अब एफिलेशन बाइलाज में शामिल किया गया है। इस बदलाव को 2019 से ही लागू कर दिया गया है। सीबीएसई के इस बदलाव के बाद स्कूलों को नौवीं और दसवीं के लिए मान्यता लेना ज्यादा आसान हो जाएगा।
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बोर्ड के इस निर्णय के बाद बिना मान्यता स्कूल चलाने वालों पर लगाम लगने के साथ आठवीं के नौवीं में दाखिले के लिए बाद छात्र-छात्राओं को भटकना नहीं पड़ेगा।
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देश के हर शहर में सैकड़ों की संख्या में सीबीएसई पैटर्न का बोर्ड लगाकर स्कूल चलाए जा रहे हैं। ऐसे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को आठवीं पास करने के बाद नौवीं में प्रवेश के दौरान परेशानी होती है। सीबीएसई के बदले नियम के बाद अब स्कूल वाले मनमानी नहीं कर सकेंगे।
सीबीएसई की ओर से अभी तक नौवीं-दसवीं और ग्यारहवीं-बारहवीं के लिए मान्यता दी जाती थी। इसके लिए स्कूल प्रबंधन को ऑनलाइन आवेदन करना होता था। आवेदन के बाद मान्यता के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भरद्वाज की ओर से जारी सूचना में कहा गया है बदलाव के बाद स्कूलों को छठवीं से आठवीं तक की कक्षाओं के लिए एप्रूवल लेना होगा।
स्कूल प्रबंधन को देना होगा 50 हजार तक का शुल्क
छठवीं से आठवीं तक की मान्यता देने के लिए 20 से 50 हजार के बीच शुल्क देना होगा। इसके लिए सीबीएसई बोर्ड के पास 30 जून तक आवेदन किया जा सकता है।
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भरद्वाज की ओर से जारी सूचना में कहा गया है बदलाव के बाद स्कूलों को छठवीं से आठवीं तक की कक्षाओं के लिए एप्रूवल लेना होगा।
स्कूल प्रबंधन को देना होगा 50 हजार तक का शुल्क
छठवीं से आठवीं तक की मान्यता देने के लिए 20 से 50 हजार के बीच शुल्क देना होगा। इसके लिए सीबीएसई बोर्ड के पास 30 जून तक आवेदन किया जा सकता है।
बदलाव से होने वाले लाभ
छठवीं से आठवीं कक्षा तक की मान्यता के बाद नौवीं में मान्यता के लिए परेशानी नहीं होगी।
नए नियम के बाद स्कूल प्रबंधन की मनमानी पर रोक लगेगी
बदलाव के बाद गड़बड़ी करने वाले स्कूलों की शिकायत बोर्ड को कर पाएंगे
अब छोटी कक्षाओं के स्कूल भी बोर्ड के नियम से चलेंगे।
नए नियम के बाद आठवीं के बाद अभिभावक नामांकन की परेशानी से बचेंगे।
नए नियम के बाद स्कूल प्रबंधन की मनमानी पर रोक लगेगी
बदलाव के बाद गड़बड़ी करने वाले स्कूलों की शिकायत बोर्ड को कर पाएंगे
अब छोटी कक्षाओं के स्कूल भी बोर्ड के नियम से चलेंगे।
नए नियम के बाद आठवीं के बाद अभिभावक नामांकन की परेशानी से बचेंगे।