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Research : अब गोल्ड नैनो क्लस्टर स्ट्रिप से हो सकेगी पानी में आर्सेनिक की जांच, MNNIT के छात्रों को मिली सफलता

Fri, 04 Jul 2025 04:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 04 Jul 2025 04:43 PM IST
सार

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) के छात्रों ने एक ऐसी सस्ती गोल्ड नैनो क्लस्टर स्ट्रिप बनाई है, जो पानी में मौजूद आर्सेनिक की पहचान कर सकेगी। खास बात यह है कि नैनो टेक्नोलाॅजी पर आधारित इस स्ट्रिप की कीमत सौ रुपये से कम है और यह ईको फ्रेंडली भी है।

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Now arsenic in water can be tested with gold nano cluster strip, MNNIT students got success
ट्रिपलआईटी के छात्रों ने बनाई गोल्ड नैनो क्लस्टर स्ट्रिप। - फोटो : संवाद।

विस्तार

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) के छात्रों ने एक ऐसी सस्ती गोल्ड नैनो क्लस्टर स्ट्रिप बनाई है, जो पानी में मौजूद आर्सेनिक की पहचान कर सकेगी। खास बात यह है कि नैनो टेक्नोलाॅजी पर आधारित इस स्ट्रिप की कीमत सौ रुपये से कम है और यह ईको फ्रेंडली भी है। इस स्ट्रिप को बनाने के बाद जब गोल्ड नैनो क्लस्टर के घोल में डुबाया जाता है तो यह पानी में मौजूद आर्सेनिक की जांच के लिए तैयार हो जाती है।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पीने के पानी में 0.010 मिलीग्राम प्रति लीटर (10 माइक्रोग्राम प्रति लीटर) आर्सेनिक से अधिक नहीं होना चाहिए। इससे अधिक मात्रा होने पर गुर्दे, लीवर, गॉल ब्लेडर और गर्भाशय के कैंसर समेत कई अन्य घातक बीमारियों का खतरा रहता है। हाल ही में सर्वे के दाैरान बिहार के 4,709 ग्रामीण वार्डों में भूजल में आर्सेनिक की मात्रा अधिक पाई गई थी।

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प्रयागराज जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भी आर्सेनिक की समस्या है। इसकी गंभीरता को देखते हुए ट्रिपलआईटी के अप्लाइड साइंस विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. सिंतु कुमार सामंता के निर्देशन में डॉ. अमरेश साहू, शोध छात्रा अनन्या, अनुराग आनंद, एमटेक छात्रा ख्याती जोशी, ओशिन पाल और शिवानी ने मिलकर लगभग दो वर्षों में स्ट्रिप को तैयार किया है। संवाद

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स्ट्रिप कैसे करती है काम

स्ट्रिप पर एक बूंद पानी डालने से आर्सेनिक की मात्रा के अनुसार इसका रंग बदल जाएगा। इसके बाद स्ट्रिप के बदले हुए रंग को यूवी टॉर्च की मदद से देखा जा सकता है। रंग के अनुसार ही पानी में आर्सेनिक की मात्रा का पता लगाया जा सकेगा।

ग्रामीण इलाकों में पानी में मौजूद आर्सेनिक की जांच बड़ी समस्या है। इसके लिए स्ट्रिप को तैयार किया गया है, जो आर्सेनिक की मात्रा जांचने में कारगर होगी। एक स्ट्रिप की कीमत सौ रुपये से कम है और यह ईको फ्रेंडली है। - डॉ. सिंतु कुमार सामंता, अप्लाइड साइंस, ट्रिपलआईटी

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