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एटीएम अब भी खाली

Tue, 25 Feb 2020 01:06 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 25 Feb 2020 01:06 AM IST
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now also atms are empty
एटीएम अब भी खाली भटकते रहे लोग
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बैंक अफसरों की लापरवाही शहरियों पर भारी पड़ रही है। सोमवार को भी शहर के ज्यादातर एटीएम खाली रहे ओर जहां पैसा था वहां लंबी कतार लगी। शहरी इस समस्या से एक सप्ताह से भी अधिक समय से परेशान हैं लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि अफसर इस समस्या से अनभिज्ञ बने हुए हैं।
बैंकों का कैशलेस पर अधिक जोर है। ऐसे में 50 फीसदी से अधिक एटीएम पहले से बीमार या खाली हैं। इसके अलावा 2000 के नोट की कमी की वजह से भी एटीएम में पर्याप्त नगदी नहीं रखी जा रही। ऐसे में बैंकों की एक गलती से परेशानी और बढ़ गई है। एसबीआई की ओर से एटीएम में नगदी भरने के लिए एजेंसी से करार हुआ लेकिन कैशन डिलेवरी वैन में मानक का ध्यान नहीं रखा गया। यहां तक कि कई वैन में कैमरे तक नहीं लगे हैं। इसलिए पुलिस प्रशासन ने इस तरह के वैन से कैश ले जाने पर रोक लगा दी। इसके बाद यह समस्या और बढ़ गई है। इन वजहों से ज्यादातर एटीएम खाली हो गए हैं। सोमवार को बैंक खुलने के बाद शाखा परिसर तथा आसपास के एटीएम में नगदी भरी गई लेकिन यह पर्याप्त नहीं रही।
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कर्नलगंज में ज्यादातर एटीएम खाली रहे। एसबीआई, इलाहाबाद बैंक, पीएनबी तथा कई निजी बैंकों के एटीएम के शटर गिरे थे। इसका नतीजा रहा कि एसबीआई की मुख्य शाखा परिसर स्थित एटीएम के आगे लोगों की लंबी कतार लगी। अल्लापुर में डंडिया चौराहा के पास तीन बैंकों के एटीएम हैं। इसी तरह से कलक्ट्रेट के पास आधा दर्जन एटीएम हैं लेकिन किसी में पैसा नहीं निकला। कई एटीएम तो प्रक्रिया पूरी होने से पहले लेनदेन निरस्त कर दे रहे थे। इस तरह का नजारा शहर के हर हिस्से में रहा और शहरी परेशान रहे। खास यह कि एसबीआई तथा अन्य बैंक के वरिष्ठ अफसरों ने इस तरह की किसी समस्या को लेकर अनभिज्ञता जताई।
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एटीएम में 2000 के नोट रखे जाने पर अघोषित पाबंदी लगाने की तैयारी है। 2000 के नोट की कम आपूर्ति को इससे ही जोड़कर देखा जा रहा है। बैंक अफसरों का कहना है कि सरकार का ऑनलाइन लेनदेन पर जोर है। इसके अलावा बैंकों की ओर से शाखाओं पर से भार कम करने की भी रणनीति बनाई गई है लेकिन 2000 के नोट की वजह से बैंकों की इस अभियान को धक्का लग रहा है। अफसरों का कहना है कि अक्सर देखा गया कि 2000 के नोट का फुटकर कराने के लिए ग्राहकों को बैंक में आना पड़ता है। इसलिए एटीएम में छोटे मूल्य के नोट रखने की योजना बनाई गई है। करेंसी चेस्ट से जुड़े एक वरिष्ठ अफसर ने बताया कि इसे लेकर कोई लिखित आदेश तो नहीं आया है लेकिन एटीएम में 2000 के कम से कम नोट रखने की रणनीति बनाई गई है।
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