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40 हजार व्यापारियों को 75 करोड़ का ब्याज चुकाने का नोटिस
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जीएसटी
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रयागराज मंडल के 40 हजार व्यापारियों को देरी से जीएसटी जमा करने पर सीजीएसटी की ओर से नोटिस दिया गया है। इन सभी व्यापारियों पर 75 करोड़ से ज्यादा की देनदारी निकली है। प्रयागराज मंडल सीजीएसटी लखनऊ जोन के अधीन आता है।
इस पूरे जोन पर 500 करोड़ से अधिक की देनदारी व्यापारियों पर है। बात सिर्फ प्रयागराज जिले की करें तो यहां ऐसे व्यापारियों की संख्या 12 हजार एवं प्रतापगढ़, कौशांबी में पांच हजार के आसपास है।
बताया जा रहा है कि जिन लोगों को नोटिस दिया गया है उसमें भी अधिकांश ऐसे लोग हैं जो इस भ्रम में थे कि सरकार के पास पहले से ही जमा टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से देय जीएसटी की बकाया देनदारी पर कोई ब्याज नहीं लगेगा। भले ही यह टैक्स देरी से ही क्यों न जमा कराया गया है।
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वहीं विभागीय अफसरों का मानना है कि भले ही टैक्स क्रेडिट लेजर में जमा टैक्स क्रेडिट से ही क्यों न जमा कराया गया है लेकिन यह देरी से जमा हुआ है। इसी वजह से इस पर दिन के हिसाब से देय टैक्स पर ब्याज लगेगा। दरअसल जीएसटी काउंसिल ने एक फरवरी 2019 को यह नोटिफिकेशन जारी किया था कि टैक्स क्रेडिट से जीएसटी चुकाने पर ब्याज नहीं लगेगा। लेकिन अब तक यह नियम लागू नहीं किए गए थे।
इस वजह से व्यापारियों पर लगातार देनदारियां निकल रही हैं। विभाग के अफसरों का कहना है कि लखनऊ जोन के अंतर्गत आने वाले पांच मंडल में व्यापारियों पर विलंब से टैक्स जमा कराने पर 500 करोड़ से अधिक की देनदारी निकली है। सीजीएसटी के संयुक्त आयुक्त गौरव चंदेल ने इसकी पुष्टि की है।
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इस पूरे जोन पर 500 करोड़ से अधिक की देनदारी व्यापारियों पर है। बात सिर्फ प्रयागराज जिले की करें तो यहां ऐसे व्यापारियों की संख्या 12 हजार एवं प्रतापगढ़, कौशांबी में पांच हजार के आसपास है।
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बताया जा रहा है कि जिन लोगों को नोटिस दिया गया है उसमें भी अधिकांश ऐसे लोग हैं जो इस भ्रम में थे कि सरकार के पास पहले से ही जमा टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से देय जीएसटी की बकाया देनदारी पर कोई ब्याज नहीं लगेगा। भले ही यह टैक्स देरी से ही क्यों न जमा कराया गया है।
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वहीं विभागीय अफसरों का मानना है कि भले ही टैक्स क्रेडिट लेजर में जमा टैक्स क्रेडिट से ही क्यों न जमा कराया गया है लेकिन यह देरी से जमा हुआ है। इसी वजह से इस पर दिन के हिसाब से देय टैक्स पर ब्याज लगेगा। दरअसल जीएसटी काउंसिल ने एक फरवरी 2019 को यह नोटिफिकेशन जारी किया था कि टैक्स क्रेडिट से जीएसटी चुकाने पर ब्याज नहीं लगेगा। लेकिन अब तक यह नियम लागू नहीं किए गए थे।
इस वजह से व्यापारियों पर लगातार देनदारियां निकल रही हैं। विभाग के अफसरों का कहना है कि लखनऊ जोन के अंतर्गत आने वाले पांच मंडल में व्यापारियों पर विलंब से टैक्स जमा कराने पर 500 करोड़ से अधिक की देनदारी निकली है। सीजीएसटी के संयुक्त आयुक्त गौरव चंदेल ने इसकी पुष्टि की है।