{"_id":"5d2f75e68ebc3e6d250db34b","slug":"notice-to-azam-khan-on-jaya-prada-s-petition-city-news-ald2497044144","type":"story","status":"publish","title_hn":"जया प्रदा की याचिका पर आजम खां को नोिटस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जया प्रदा की याचिका पर आजम खां को नोिटस
विज्ञापन
Notice to Azam Khan on Jaya Prada's petition
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सभी केंद्र: मुरादाबाद के लिए खास
00000000000000000
जया प्रदा की याचिका पर आजम खां को नोटिस
प्रयागराज। रामपुर के सपा सांसद मो. आजम खां और अन्य लोगों को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। उनके खिलाफ रामपुर से भाजपा प्रत्याशी रहीं जया प्रदा ने चुनाव याचिका दाखिल कर निर्वाचन को चुनौती दी है। याचिका की अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी। याचिका पर न्यायमूर्ति एसडी सिंह सुनवाई कर रहे हैं। याची के अधिवक्ता केआर सिंह का कहना है कि जया प्रदा ने दो आधारों पर आजम खां के चुनाव को चुनौती दी है। एक उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय रामपुर के कुलाधिपति के लाभ के पद पर रहते हुए लोकसभा चुनाव लड़ा। कानून के तहत कोई लाभ का पद रखते हुए चुनाव नहीं लड़ा जा सकता है। दूसरा, यह कि उन्होंने धार्मिक आधार पर मतदाताओं की भावनाएं भड़काकर वोट मांगा। इन दोनों आधारों पर चुनाव निरस्त करने की मांग की गई है। कोर्ट ने पत्रावली देखने के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया मामला विचारणीय है। सभी विपक्षी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
विज्ञापन
00000000000000000
जया प्रदा की याचिका पर आजम खां को नोटिस
प्रयागराज। रामपुर के सपा सांसद मो. आजम खां और अन्य लोगों को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। उनके खिलाफ रामपुर से भाजपा प्रत्याशी रहीं जया प्रदा ने चुनाव याचिका दाखिल कर निर्वाचन को चुनौती दी है। याचिका की अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी। याचिका पर न्यायमूर्ति एसडी सिंह सुनवाई कर रहे हैं। याची के अधिवक्ता केआर सिंह का कहना है कि जया प्रदा ने दो आधारों पर आजम खां के चुनाव को चुनौती दी है। एक उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय रामपुर के कुलाधिपति के लाभ के पद पर रहते हुए लोकसभा चुनाव लड़ा। कानून के तहत कोई लाभ का पद रखते हुए चुनाव नहीं लड़ा जा सकता है। दूसरा, यह कि उन्होंने धार्मिक आधार पर मतदाताओं की भावनाएं भड़काकर वोट मांगा। इन दोनों आधारों पर चुनाव निरस्त करने की मांग की गई है। कोर्ट ने पत्रावली देखने के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया मामला विचारणीय है। सभी विपक्षी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।