वादकारी दंपती से मारपीट का मामला : हाईकोर्ट ने 10 अधिवक्ताओं को जारी किया नोटिस
जिला कचहरी में कोर्ट के भीतर वादकारी दंपत्ति से मारपीट मामले में हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट के दो अधिवक्ताओं समेत कुल दस अधिवक्ताओं को अवमानना नोटिस जारी की है। जिला अदालत में प्रवेश पर रोक भी लगा दी है।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला अदालत में वादकारी दंपती से मारपीट व सिविल जज से दुर्व्यवहार मामले में सख्त कार्रवाई की है। कोर्ट ने जिला जज की ओर से पेश घटना के सीसीटीवी फुटेज में पहचाने गए दस और अधिवक्ताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना नोटिस जारी कर सफाई मांगी है। साथ ही जिला अदालत में इनके प्रवेश पर रोक लगा दी है। इसके अलावा पुलिस आयुक्त प्रयागराज से सभी आरोपियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी तलब की है। वहीं, जिला अदालत की सुरक्षा और दुरुस्त करने का भी आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र व न्यायमूर्ति एमएएच इदरीसी की खंडपीठ ने फिर दोहराया कि अदालती कार्यवाही के दौरान हिंसा न्यायिक कार्यवाही के लिए बड़ी चुनौती है। मंगलवार को जिला जज ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद दस अन्य वकीलों की पहचान कर हाईकोर्ट में सीलबंद रिपोर्ट पेश की। इसमें दस वकीलों के नाम का खुलासा किया गया है। इसमें दो हाईकोर्ट के भी दो अधिवक्ताओं के नाम भी शामिल हैं।
इससे पहले कोर्ट ने दो घटना में शामिल रहे रणविजय सिंह व मोहम्मद आसिफ को नोटिस करते हुए जिला अदालत में प्रवेश के साथ ही यूपी की किसी की अदालत में प्रैक्टिस करने पर रोक लगाई थी। आरोपी अधिवक्ताओं की ओर से मंगलवार को जवाबी हलफनामा पेश तो किया गया, लेकिन बाद में उसे वापस लेकर बेहतर दाखिल करने की मोहलत मांगी गई। जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
क्या है पूरा मामला
आरोप है कि इलाहाबाद की जिला अदालत में मुलायम सिंह बनाम तरसू लाल केस की सुनवाई चल रही थी। अधिवक्ता रणविजय सिंह भीड़ के साथ कोर्ट रूम में आए और पीठासीन अधिकारी पर अपने निजी केस की तत्काल सुनवाई का दबाव डालने लगे। इसी बीच वादकारी मोनीस परवेज व उनकी पत्नी से मारपीट की। दंपती बचाव में सिविल जज के चैंबर की ओर भागे तो वहां भी उन्हें पीटा गया। सिविल जज ने भी अपने चैंबर से निकल कर सीजेएम के चैंबर में जा अपनी जान बचाई थी।
उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि अपनी जान का खतरा बता तत्काल पुलिस बुलाई। जिला जज की रिपोर्ट का संज्ञान ले हाईकोर्ट ने आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की। पहले दिन सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जिला जज से सीसीटीवी फुटेज की जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में तलब की थी। साथ ही प्रथम दृष्ट्या संलिप्त पाए गए दो वकीलों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की थी। अब इस मामले में दस और वकीलों के नाम सामने आने के बाद अदालत ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
सीसीटीवी फुटेज में पहचाने गए दस वकील
1.सैयद आफताब अहमद
2.महताब अहमद
3. संजीव सिंह
4.रितेश श्रीवास्तव
5.रवि सोनकर
6.आदर्श शुक्ला
7.विकास सिंह
8. ऋषभ सिंह
10. आदर्श उर्फ आंसू