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प्रयागराज से शिफ्ट नहीं होने देंगे एक भी मुख्यालय स्तरीय कार्यालय

Thu, 09 Jan 2020 01:39 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 01:39 AM IST
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Not a single headquarters level office will be allowed to shift from Prayagraj
Not a single headquarters level office will be allowed to shift from Prayagraj - फोटो : CITY DESK
प्रयागराज। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने राजकीय पब्लिक लाइब्रेरी में वर्ष 1887 में हुई प्रदेश विधानमंडल की पहली बैठक के 133 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कहा कि प्रयागराज का जो गौरव है, वह हमेशा बरकरार रहेगा। यहां से मुख्यालय स्तरीय एक भी कार्यालय शिफ्ट नहीं होने दिए जाएंगे। पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ को उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही प्रयागराज को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। हालांकि उसकी घोषणा आज नहीं होगी।
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दरअसल, विधानमंडल बैठक के 133 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रयागराज गौरव अनुभूति आयोजन समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ ने मुख्यालय स्तर के कार्यालय लखनऊ शिफ्ट किए जाने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने डिप्टी सीएम से कहा कि प्रयागराज को कहीं न कहीं शून्य करने की स्थिति है। हमारे तमाम कार्यालय लखनऊ शिफ्ट किए जा रहे हैं। आखिर प्रयागराज को चेतना विहीन क्यों किया जा रहा है। प्रयागराज के गौरव को पुर्नस्थापितकरने की जरूरत है। पूर्व राज्यपाल की इस नाराजगी के बाद जब डिप्टी सीएम के बोलने की बारी आई तो उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है, तब से एक भी कार्यालय शिफ्ट नहीं किए गए हैं। पंडित जी, (केशरी नाथ त्रिपाठी) मैं आश्वस्त करता हूं कि प्रयागराज से एक भी मुख्यालय स्तर का कार्यालय कहीं शिफ्ट नहीं किया जाएगा।
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केशरी ने कहा, पत्रिका से हुई 1887 में हुई बैठक की जानकारी
पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने कहा प्रयागराज में वर्ष 1887 में विधानमंडल की पहली बैठक के बारे में उन्हें विधानसभा अध्यक्ष रहने के दौरान एक पत्रिका से जानकारी हुई थी। इसी के बाद प्रस्ताव रखा गया कि प्रयागराज में यह बैठक करवाई जाए। हालांकि तब कुछ विधायकों ने इसका विरोध किया था लेकिन, बाद में यह बैठक प्रयागराज में पब्लिक लाइब्रेरी में आठ जनवरी 2003 को हुई। तब 400 से ज्यादा विधायक यहां बैठक में भाग लेने आए। 17 वर्ष पहले हुई इस बैठक में तब भी मौसम खराब था, आज भी खराब है। केशरी नाथ ने बताया कि 1887 में यह बैठक सर सैय्यद अहमद खां की अध्यक्षता में हुई थी। पूर्व राज्यपाल के पहले कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कहा कि आने वाली इन यादों को जरूर सहेज कर रखे। इस तरह के कार्यक्रम आगे भी होते रहने चाहिए। सांसद केशरी देवी पटेल ने कहा कि निश्चित रूप से प्रयाग तपोभूमि है, त्याग की भूमि है और यह एक दो दिन ही नहीं, हमेशा अपने गौरव के लिए चर्चा में रहती है। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह गौर, राकेश धर त्रिपाठी, रामदुलार सिंह पटल, राधेश्याम सिंह पटेल, विक्रमाजीत मौर्य, मो. मुजतबा सिद्दीकी, हाकिम लाल बिंद, संजय गुप्ता, प्रवीण पटेल, राजमणि कोल, डा. आरके वर्मा, डा अजय भारती, दीपक पटेल, गुरु प्रसाद मौर्य आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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