{"_id":"5e1646028ebc3e87bc06a7d6","slug":"noida-sp-summoned-in-city-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"23 साल पुराने मामले में तत्कालीन सीओ तलब,दलित उत्पीड़न प्रकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
23 साल पुराने मामले में तत्कालीन सीओ तलब,दलित उत्पीड़न प्रकरण
Thu, 09 Jan 2020 02:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 09 Jan 2020 02:43 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
23 साल पुराने एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में गवाही में उपस्थित न होने पर कोर्ट ने तत्कालीन सीओ सुधा सिंह और बनवारी लाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। प्रकरण की अगली सुनवाई एक फरवरी को होगी। मामले की सुनवाई एडीजे इंद्रजीत सिंह कर रहे हैं।
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता मारुत्यानंद मिश्र और एडीजीसी श्रीप्रकाश शुक्ल ने बताया कि प्रकरण 23 साल पुराना है। मुकदमा साक्ष्य में लंबित है। प्रकरण में विवेचक रहे तत्कालीन सीओ बनवारी लाल और सीओ सुधा सिंह अभियोजन गवाह हैं।
विज्ञापन
कोर्ट द्वारा कई बार गवाही के लिए नोटिस, जमानती वारंट भेजा गया था, लेकिन दोनों विवेचक गवाही देने उपस्थित नहीं हुए। कोर्ट ने दोनों गवाहों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
विज्ञापन
घटना नौ मार्च 1997 की फूलपुर थाने के कनौजा कला गांव की है। वादी भुल्लन ने राजेंद्र प्रताप सहित छह अभियुक्तों के खिलाफ बलवा, घर में घुस कर मारपीट करने, जान से मारने की धमकी और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें तीन अभियुक्तों की मौत हो चुकी है।