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योगी पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले को राहत नहीं, हाईकोर्ट का प्राथमिकी रद्द करने से इनकार
Sat, 30 Mar 2019 12:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 30 Mar 2019 12:20 AM IST
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हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोपी वाराणसी के हर्षित यादव को राहत देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने प्राथमिकी रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका खारिज कर दी है। हर्षित की याचिका पर न्यायमूर्ति विपिन सिन्हा और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ ने सुनवाई की।
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याची पर आरोप है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को रोके जाने की घटना को लेकर उसने मुख्यमंत्री से संबंधित एक आपत्तिजनक पोस्ट सोशल मीडिया पर की थी। हिंदू युवा वाहिनी वाराणसी के अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने इसे लेकर रामनगर थाने में आईटी एक्ट धारा 66 सी के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
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अपर शासकीय अधिवक्ता एके संड ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि विवेचक ने धारा 66 को धारा 67 आईटी एक्ट में तरमीम कर दिया है। उन्होंने फेस बुक पर की गई अशोभनीय और अर्मादित टिप्पणी की प्रति भी कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर बताया कि जांच से अभियुक्त के खिलाफ लगे आरोप साबित होते हैं। इसलिए प्राथमिकी रद्द करने का कोई औचित्य नहीं बनता है।
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प्राथमिकी में आरोप है कि याची ने 13 फरवरी 2019 को अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हुए मुख्यमंत्री के संबंध में अशोभनीय टिप्पणी की है। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।