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Allahabad High Court : माफिया अतीक के भाई अशरफ को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत अर्जी

Sat, 04 Mar 2023 09:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 04 Mar 2023 09:19 PM IST
सार

कोर्ट ने कहा हत्या, अपहरण जैसे गंभीर अपराधों के आरोपी को जमानत को प्रायर्टी नहीं दी जा सकती। जमानत देते समय अपराध की प्रकृति सबूतों व समाज पर पड़ने वाले असर पर विचार किया जाना चाहिए।

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No relief for Mafia Atiq brother Ashraf, High Court rejects bail application
बरेली जेल में बंद है अशरफ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाहुबली माफिया डॉन अतीक अहमद के छोटे भाई शातिर अपराधी मोहम्मद अशरफ उर्फ खालिद अजीम को धूमनगंज थाना क्षेत्र में 2015 में दो लोगों की हत्या के षड्यंत्र मामले में जमानत देने से इन्कार कर दिया और अर्जी निरस्त कर दी। कोर्ट ने कहा, याची के खिलाफ 51 गंभीर आपराधिक केस दर्ज हैं। हाल ही में विधायक राजू पाल के मुख्य गवाह उमेश पाल व दो गनर की दिनदहाड़े हुई हत्या के केस में भी आरोपी है। एक लाख का इनामी बदमाश है, जो जेल में बंद है। कोर्ट ने याची को जमानत पाने का हकदार नहीं माना। यह आदेश न्यायमूर्ति डीके सिंह ने मोहम्मद अशरफ की जमानत अर्जी की सुनवाई करते हुए दिया है।

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प्रयागराज के धूमनगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 25 सितंबर 15 को 8.30 बजे रात शिकायतकर्ता मोहम्मद आबिद कार से गांव जा रहा था। मदरसे के पास नामित सात अभियुक्तों ने पुरानी दुश्मनी के चलते कार पर फायरिंग की, जिसमें दो लोग मारे गए। याची प्राथमिकी में नामजद नहीं था। विवेचना के दौरान सबूत मिलने पर उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। इसके भाई बाहुबली अतीक अहमद पर सौ से अधिक आपराधिक केस हैं। विधायक हत्या केस में भी आरोपी है। गिरोह का सरगना है।

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जमानत देते समय समाज पर पड़ने वाले असर पर भी हो विचार

कोर्ट ने कहा हत्या, अपहरण जैसे गंभीर अपराधों के आरोपी को जमानत की पैरटी नहीं दी जा सकती। जमानत देते समय अपराध की प्रकृति सबूतों व समाज पर पड़ने वाले असर पर विचार किया जाना चाहिए। प्रश्नगत मामले में मृतक सुरजीत की विधवा प्रीती देवी की याचिका पर हाईकोर्ट ने निष्पक्ष विवेचना का निर्देश दिया है। घटना के चश्मदीद गवाह हैं। याची पर दो लोगों की हत्या के षड्यंत्र का आरोप है।

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