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देवरिया सदर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अवैध करार
Fri, 04 Dec 2020 07:15 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 04 Dec 2020 07:15 PM IST
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कोर्ट
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवरिया सदर क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष पूनम देवी के खिलाफ 2018 में लाया गया अविश्वास प्रस्ताव अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है। कोर्ट ने इस प्रस्ताव का परिणाम नहीं जारी करने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा है कि बैठक से 15 दिन पूर्व नोटिस को बोर्ड पर चस्पा करना और उसका प्रकाशन अनिवार्य है।इस नियम का पालन नहीं किया गया।
इससे पूर्व जारी अविश्वास प्रस्ताव नोटिस को भी कोर्ट ने नियमों के विपरीत करार देते हुए रद़्द कर दिया था। अपने अंतरिम आदेश में कोर्ट ने नए सिरे से नोटिस जारी अविश्वास प्रस्ताव लाने परंतु उसका परिणाम जारी नहीं करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा है कि विपक्षी चाहे तो नए सिरे से नियमानुसार याची के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते है।
यह आदेश न्यायमूर्ति एम एन भंडारी तथा न्यायमूर्ति एस एस शमशेरी की खंडपीठ ने पूनम देवी की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है । याचिका पर अधिवक्ता सत्येन्द्र कुमार सिंह ने बहस की।
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क्षेत्र पंचायत सदर अध्यक्ष याची के विरुद्ध 2017 में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इसका नोटिस नियम विरुद्ध तरीके से जारी किया गया। जिसे कोर्ट ने रद्द कर नए सिरे से नियमानुसार प्रस्ताव लाने का निर्देश दिया था। जिस पर 10अक्तूबर 18 को पुन: नोटिस जारी कर 26 अक्तूबर 18 को बैठक बुलाई गई।
इस बार भी नोटिस नियमानुसार नहीं दिया गया।
स्पष्ट रूप से 15 दिन पूर्व नोटिस जिला पंचायत के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने का नियम है। इस नियम का पालन नहीं किया गया। । विपक्षी का कहना था कि यह बैठक पिछली बैठक की तारतम्यता में है ।इसलिए 15दिन पूर्व नोटिस जरूरी नहीं है। कोर्ट ने इस तर्क को नहीं माना।और नोटिस तथा अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही रद्द कर दी है।
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इससे पूर्व जारी अविश्वास प्रस्ताव नोटिस को भी कोर्ट ने नियमों के विपरीत करार देते हुए रद़्द कर दिया था। अपने अंतरिम आदेश में कोर्ट ने नए सिरे से नोटिस जारी अविश्वास प्रस्ताव लाने परंतु उसका परिणाम जारी नहीं करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा है कि विपक्षी चाहे तो नए सिरे से नियमानुसार याची के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति एम एन भंडारी तथा न्यायमूर्ति एस एस शमशेरी की खंडपीठ ने पूनम देवी की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है । याचिका पर अधिवक्ता सत्येन्द्र कुमार सिंह ने बहस की।
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क्षेत्र पंचायत सदर अध्यक्ष याची के विरुद्ध 2017 में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इसका नोटिस नियम विरुद्ध तरीके से जारी किया गया। जिसे कोर्ट ने रद्द कर नए सिरे से नियमानुसार प्रस्ताव लाने का निर्देश दिया था। जिस पर 10अक्तूबर 18 को पुन: नोटिस जारी कर 26 अक्तूबर 18 को बैठक बुलाई गई।
इस बार भी नोटिस नियमानुसार नहीं दिया गया।
स्पष्ट रूप से 15 दिन पूर्व नोटिस जिला पंचायत के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने का नियम है। इस नियम का पालन नहीं किया गया। । विपक्षी का कहना था कि यह बैठक पिछली बैठक की तारतम्यता में है ।इसलिए 15दिन पूर्व नोटिस जरूरी नहीं है। कोर्ट ने इस तर्क को नहीं माना।और नोटिस तथा अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही रद्द कर दी है।