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UP : बैंक में खाता नहीं, महिला मजदूर को लखपति बना निरस्त कर दिया अंत्योदय कार्ड, हाईकोर्ट ने दिया जांच का आदेश

Mon, 17 Jul 2023 11:00 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 17 Jul 2023 11:00 AM IST
सार

मामला फतेहपुर जिले के गौरी गांव में रहने वाले दिहाड़ी मजदूर परिवार का है। याची बीना देवी के पति राम किशोर दिहाड़ी मजदूर है। पति पत्नी के अलावा परिवार में तीन बच्चे है। जिनका जीवन यापन राम किशोर दिहाड़ी मजदूरी के सहारे करता है। पैंतीस सौ रुपए मासिक आय वाले इस परिवार को अंत्योदय राशन कार्ड जारी हुआ था।

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No bank account, Lakhpati gave Antyodaya card to women laborer, High Court ordered investigation
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपूर्ति विभाग द्वारा लखपति घोषित कर दिए गए दिहाड़ी मजदूर के अंत्योदय राशन कार्ड के निरस्तीकरण की जांच चार हफ्ते में पूरी करने का आदेश दिया है।यह आदेश हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्य प्रकाश केशरवानी और न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने फतेहपुर निवासी बीना देवी की याचिका पर अधिवक्ता सुनील यादव को सुन कर दिया है। 

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मामला फतेहपुर जिले के गौरी गांव में रहने वाले दिहाड़ी मजदूर परिवार का है। याची बीना देवी के पति राम किशोर दिहाड़ी मजदूर है। पति पत्नी के अलावा परिवार में तीन बच्चे है। जिनका जीवन यापन राम किशोर दिहाड़ी मजदूरी के सहारे करता है। पैंतीस सौ रुपए मासिक आय वाले इस परिवार को अंत्योदय राशन कार्ड जारी हुआ था। महंगाई के इस दौर में अंत्योदय योजना के तहत मिलने वाले राशन से परिवार का पालन पोषण सितंबर 2021 तक ठीक ठाक चल रहा था। सरकारी राशन के डीलर ने अचानक राशन देना बंद कर दिया। 
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राशन न मिलने से परेशान परिवार  ने वजह जानने की कोशिश की तो जानकारी मिली कि उसका अंत्योदय राशन कार्ड इस आधार पर निरस्त कर दिया गया है कि याची का पति 0.7610 हेक्टेयर कृषि भूमि का मालिक है। कृषि भूमि की उपज की बिक्री से याची के पति के नाम से स्टेट बैंक के खाते में चार लाख चौवन हजार तीन सौ रुपए जमा है।

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चार सप्ताह में जांच पूरी करने का DSO को दिया आदेश


यह जान कर हैरान याची ने पता किया तो जानकारी मिली कि जिस कृषि भूमि का स्वामी याची के मजदूर पति को बताया जा रहा है वो राजस्व रिकार्ड में किसी दूसरे के नाम दर्ज है, इसी तरह जिस स्टेट बैंक में जमा लाखों रुपए, दिहाड़ी मजदूर के बताए जा रहे है, उस बैंक में उसका कोई खाता ही नही है।

सारी जानकारी इकट्ठा करने के बाद आपूर्ति विभाग द्वारा लखपति घोषित मजदूर परिवार वर्षो से सरकारी कार्यालयों में ये साबित करता घूम रहा है की वो लखपति नही दिहाड़ी मजदूर है। उसका परिवार राशन के अभाव में भुखमरी के कगार पर है, लेकिन उसकी किसी ने एक न सुनी।

अधिकारियों की परिक्रमा से थक चुकी याची ने अंत्योदय राशन कार्ड को पुनर्जीवित कर, राशन मुहैया कराने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिका निस्तारित करते हुए जिलापूर्ति अधिकारी फतेहपुर को मजदूर परिवार द्वारा अंत्योदय राशन कार्ड के निरस्तीकरण के विरुद्ध दी गई शिकायत की जांच चार हफ्ते में पूरी करने का आदेश दिया है।

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