Prayagraj : नई जिला जेल शुरू, 18 सिद्धदोष बंदी स्थानांतरित, 2200 बंदियों को रखने की है क्षमता
उप महानिरीक्षक कारागार प्रयागराज परिक्षेत्र राजेश कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में रविवार को केंद्रीय कारागार नैनी से कुल 18 सिद्धदोष बंदियों को नई जिला जेल में शिफ्ट किया गया।
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लंबे इंतजार के बाद रविवार को केंद्रीय कारागार में बनी नई जिला जेल का संचालन शुरू हो गया। इसमें 18 सिद्धदोष बंदियों को शिफ्ट किया गया। बीते बुधवार को संचालन के लिए शासन ने अधिसूचना जारी की थी। आधुनिक सुविधाओं से युक्त तीन सर्किल वाली जिला जेल में लगभग 2200 बंदियों को रखने की क्षमता है। इसके संचालन से केंद्रीय कारागार नैनी में अतिरिक्त बंदियों का बोझ कम हो जाएगा।
उप महानिरीक्षक कारागार प्रयागराज परिक्षेत्र राजेश कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में रविवार को केंद्रीय कारागार नैनी से कुल 18 सिद्धदोष बंदियों को नई जिला जेल में शिफ्ट किया गया। उन्हें पत्रावली, वारंट, अन्य आवश्यक संसाधन, पुलिस अभिरक्षा में यहां स्थानांतरित किया गया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल ने बताया ने बताया कि व्यवस्था के अनुसार विचाराधीन बंदियों को स्थानांतरित किया जाएगा। विचाराधीन बंदियों के स्थानांतरण के साथ ही केंद्रीय कारागार में केवल सिद्धदोष बंदियों को रखा जाएगा।
एक जेलर और तीन डिप्टी जेलर की है तैनाती
केंद्रीय कारागार नैनी में क्षमता से दोगुने बंदियों को रखा गया है। वहां की व्यवस्था सुधारने के लिए छह साल पहले जिला जेल का निर्माण शुरू हुआ था। कोरोना के कारण इसके निर्माण में देरी हुई। बीते नवंबर में महानिरीक्षक कारागार एसएन साबत ने इसका निरीक्षण करते हुए 15 दिनों में इसे शुरू करने की बात कही थी, लेकिन कुछ निर्माण कार्य अधूरा होने और शासन द्वारा अधिसूचना जारी न होने के कारण इसके संचालन में तीन माह का अतिरिक्त समय लग गया। जिला जेल में बीते अगस्त में एक जेलर, तीन डिप्टी जेलर, 26 जेल सिपाही, एक बाबू, एक चिकित्सक और एक फार्मासिस्ट की तैनाती कर दी गई थी।
आधुनिक सुविधाओं से युक्त है जिला जेल
नई जिला जेल आधुनिक सुविधाओं से युक्त है। इसमें तीन सर्किल है, प्रत्येक सर्किल में 720 बंदियों को रखने की क्षमता है। इसी के साथ हाई सिक्योरिटी सेल, सौ बेड का अस्पताल, 18 से 21 साल के बंदियों को अलग रखने की बैरक, महिला वार्ड, मुलाकाती हाल, बैग स्कैनर, पैथालॉजी, ऑटोमेटिक मुख्य गेट है।