प्रयागराज : गंगा पर अरैल-छतनाग के बीच जर्मन पद्धति से बनेगा नया सेतु
अरैल से झूंसी के बीच जर्मन तकनीक पर आधारित सेतु का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। करीब डेढ़ किमी लंबे इस सेतु में बीम का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। एस सेतु परियोजना के सर्वे के बाद एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। इस सेतु पर करीब छह सौ करोड़ रुपये की लागत आएगी।
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कुंभ-2025 को केंद्र में रखकर बड़ी सेतु परियोजनाओं का खाका खींच लिया गया है। अरैल से छतनाग को जोड़ने के लिए गंगा पर जर्मन पद्धति पर आधारित पुल बनाया जाएगा। नैनी के नए पुल की तरह जर्मन पद्धति से इसका निर्माण एक्स्ट्रा डोज केबल स्टे सेतु की तरह होगा। इस पुल के निर्माण के बाद अरैल से झूंसी जाने के लिए प्रयागराज शहर की परिक्रमा नहीं करनी पड़ेगी।
अरैल से झूंसी के बीच जर्मन तकनीक पर आधारित सेतु का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। करीब डेढ़ किमी लंबे इस सेतु में बीम का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। एस सेतु परियोजना के सर्वे के बाद एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। इस सेतु पर करीब छह सौ करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इस नई सेतु परियोजना के तैयार होने के बाद अरैल से झूंसी की दूरी काफी कम हो जाएगी। अभी तक रीवा रोड, मिर्जापुर राजमार्ग या फिर अरैल से झूंसी जाने के लिए नए यमुना ब्रिज से होकर बैरहना और शास्त्री ब्रिज होते हुए करीब 10 किमी से अधिक दूरी तय करनी पड़ती है।
सलोरी में भी बनेगा तीन किमी लंबा पुल
इसी तरह सलोरी से हेतापट्टी के बीच तीन किमी लंबा एक और पुल बनाया जाएगा। इस पुल की लंबाई तीन किमी होगी। सलोरी के पास से उठने वाले इस फोर लेन सेतु पर आठ सौ करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव शासन की स्वीकृति के लिए भेजा गया है। इस दोनों सेतु परियोजनाओं पर 14 सो करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है। इसके अलावा लाक्षागृह-परानीपुर सेतु परियोजना का भी प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
सेतु निगम के अफसरों की मानें तो आगामी कुंभ को केंद्र में रखकर गंगा पर इन दोनों नई सेतु परियोजनाओं के निर्माण से शहर से ग्रामीण इलाकों का जुड़ाव आसान हो जाएगा। इससे एमपी, मिर्जापुर के अलावा बहरिया, थरवई समेत कई इलाके की बड़ी आबादी को प्रयागराज शहर के आवागमन में आसानी हो जाएगी। सेतु निगम के अधिकारियों के अनुसार इन दोनों पुलों के निर्माण के लिए लंबे समय से मांग की जा रही थी।
नई सेतु परियोजनाओं पर लखनऊ में मंथन
प्रयागराज। कुंभ के तहत नई सेतु परियोजनाओं के प्रस्तावों पर चर्चा के लिए उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम के महाप्रबंधक आरके सिंह लखनऊ बुलाए गए हैं। आरके सिंह के साथ लोक निर्माण मंत्रालय और सेतु निगम के अफसरों ने नई महात्वाकांक्षी परियोजनाओं पर मंथन किया। जल्द ही इन परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।