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इलाहाबाद विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में नहीं होगी निगेटिव मार्किंग

Thu, 11 Apr 2019 09:29 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 11 Apr 2019 09:29 PM IST
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Negative marking will not be held in the admission test of Allahabad University
इलाहाबाद विश्वविद्यालय
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन शुक्रवार 12 अप्रैल से शुरू होगा। खास यह कि इस बार प्रवेश परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। हालांकि, प्रवेश के लिए न्यूनतम अर्हता अंक की व्यवस्था लागू रहेगी। आवेदन की अंतिम तिथि तीन मई निर्धारित की गई है। तीन मई को रात 12 बजे के बाद प्रवेश के लिए निर्धारित वेबसाइट ‘www.aupravesh2019.com’ बंद हो जाएगी। 
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स्नातक एवं परास्नातक में प्रवेश परीक्षा में अनारक्षित श्रेणी के लिए न्यूनतम अर्हता अंक 50 फीसदी एवं अन्य श्रेणी के लिए 45 फीसदी और स्नातक एवं परास्नातक प्रवेश परीक्षा में अनारक्षित श्रेणी के लिए न्यूनतम अर्हता अंक 30 फीसदी एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 फीसदी न्यूनतम कटऑफ अंक निर्धारित किए गए हैं। इस बार निगेटिव मार्किंग न होने से अभ्यर्थियों को काफी राहत रहेगी। पिछली बार निगेटिव मार्किंग के कारण अभ्यर्थियों के काफी अंक कट गए थे और बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गईं थीं। 
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हालांकि, न्यूनतम अर्हता अंक की व्यवस्था के कारण भी कई सीटें खाली रह जाने की आशंका है। इस मसले पर प्रवेश समिति के निदेशक प्रो. मनमोहन कृष्ण का कहना है कि सीटें रिक्त होने की स्थिति में एकेडमिक कौंसिल ही कोई निर्णय लेगी। प्रवेश समिति को इस बारे में निर्णय लेने का कोई अधिकार नहीं है। हालांकि, उम्मीद यही है कि निगेटिव मार्किंग हटाए जाने से प्रवेश के लिए मेरिट गिराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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निदेशक के अनुसार लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव के प्रवेश परीक्षा की फाइनल तिथि निर्धारित नहीं की गई। अभी यह तय हुआ है कि परास्नातक प्रवेश परीक्षा एवं संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट) का आयोजन 20 से 22 मई तक और स्नातक एवं परास्नातक प्रवेश परीक्षा 27 से 29 मई तक आयोजित कराई जाएगी। परास्नातक प्रवेश परीक्षा-2 में शामिल बीएड, एमएड, एमबीए जैसे व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 29 मई के बाद परीक्षा कराई जाएगी। 

नेट, जेआरएफ अभ्यर्थियों को भी देनी होगी लिखित परीक्षा 
यूजीसी से जारी निर्देश के अनुरूप इस बार नेट और जेआरएफ अभ्यर्थियों को भी लिखित परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा। अब तक उन्हें लिखित परीक्षा से छूट थी। नेट अभ्यर्थियों को सीधे क्रेट लेवल-2 और जेआरएफ अभ्यर्थियों को सीधे इंटरव्यू में शामिल होना पड़ता था, लेकिन अब दोनों क्रेट लेवल-1 में भी शामिल होंगे, जिसमें बहुविकल्पीय प्रकार के सवाल पूछे जाएंगे। हालांकि, विश्वविद्यालय और कॉलेजों के शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने से छूट मिलेगी। क्रेट लेवल-1 में 50 फीसदी सवाल शोध प्रविधि से संबंधित होंगे। सभी विभागों के प्रश्नपत्रों का प्रारूप एवं पाठ्यक्रम अलग-अलग हो सकता है। लिखित परीक्षा के 70 और इंटरव्यू के 30 अंक होंगे।

अधिकतम 300 अंकों की होगी परीक्षा
प्रत्येक परीक्षा बहुविकल्पीय प्रकार की होगी और अधिकतम 300 अंकों की होगी। परीक्षा केंद्र के छात्रों को परीक्षा आरंभ होने से केवल 30 मिनट पूर्व ही प्रवेश की अनुमति होगी। सभी परीक्षाओं के लिए अधिकतम समय ढाई घंटे यानी 150 मिनट निर्धारित होगा।

10 से 15 जून के बीच आएंगे परिणाम
सभी परास्नातक एवं स्नातक प्रवेश परीक्षाओं के परिणाम 10 से 15 जून के बीच घोषित कर दिए जाएंगे। अलग-अलग पाठ्यक्रमों में प्रवेश 15 जून से 10 जुलाई तक होंगे। परास्नातक विषयों में प्रवेश विभागों एवं संघटक महाविद्यालयों में अलग-अलग किया जाएगा। स्नातक विषयों में प्रवेश भवन से प्रवेश की प्रक्रिया संचालित की जाएगी। महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश विश्वविद्यालय से पृथक होगी। सभी प्रवेश परीक्षाओं की वास्तविक तिथि एक सप्ताह पूर्व जारी की जाएगी।

दस फीसदी गरीब सर्वण आरक्षण के मद्देनजर बढ़ीं सीटें
इस बार इविवि एवं संघटक कॉलेजों प्रवेश परीक्षाओं में दस फीसदी गरीब सर्वण आरक्षण व्यवस्था लागू होने के कारण विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है। जिन पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है, पिछले साल विश्वविद्यालय एवं संघटक कॉलेजों में 8400 प्रवेश लिए गए थे। इस बार 9500 से 10000 सीटों पर प्रवेश लिए जाएंगे। इसके अलावा परास्नातक की सीटों में भी बड़ी संख्या में इजाफा हुआ है। केवल व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की सीटें नहीं बढ़ाई गई हैं। इनमें बीएएलएलबी, एलएलबी, एलएलएम, बीएड, बीटेक आदि कोर्स शामिल हैं। कॉलेजों में भी पीजी में व्यवसायिक पाठ्यक्रम हैं, सो वहां भी सीटों की संख्या नहीं बढ़ाई गई है। इसके अलावा पीजीएचडी में भी सीटों की संख्या नहीं बढ़ाई जाएगी, क्योंकि वहां सीटों की संख्या सुपरवाइजर की संख्या पर निर्भर करती है।

ऑफलाइन होगी काउंसलिंग, जमा होगा शुल्क
इस बार प्रवेश प्रक्रिया के तहत काउंसलिंग ऑफलाइन कराई जाएगी और प्रवेश शुल्क भी ऑफलाइन प्रवेश भवन के काउंटर में जमा कराया जाएगा। पिछली बार ये दोनों व्यवस्थाएं ऑनलाइन थीं और इसकी वजह से काफी अव्यवस्था हुई थी। इसके अलावा व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की परीक्षा केवल ऑनलाइन और यूजी, पीजी के अन्य पाठ्यक्रमों की परीक्षा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों मोड में कराई जाएगी। केवल क्रेट का आयोजन ऑफलाइन होगा।

तीन नए पाठ्यक्रम होंगे शुरू 
इविवि में नए सत्र से तीन नए पाठ्यक्रम शुरू होने जा रहे हैं और विश्वविद्यालय तीनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इस बार महिला अध्ययन में पीजी कोर्स शुरू किया जा रहा है। साथ ही गृह विज्ञान के तहत एमएससी फूड एंड न्यूट्रीशियन का कोर्स भी शुरू होने जा रहा है। इस कोर्स में 17 सीटों पर प्रवेश लिए जाएंगे। वहीं, गांधी विचार एवं दर्शन पर पीजी डिप्लोमा भी शुरू होने जा रहा है। पीजी डिप्लोमा के लिए कुल 40 सीटें निर्धारित की गई हैं। इस पाठ्यक्रम में जुलाई में प्रवेश लिए जाएंगे।

स्नातक फोटोग्राफी में प्रवेश नहीं
नए सत्र में स्नातक में फोटोग्राफी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं लिए जाएंगे। प्रवेश समिति के निदेशक प्रो. मनमोहन कृष्ण के अनुसार इस कोर्स को पढ़ाने के लिए इविवि में केवल एक शिक्षक हैं। वह द्वितीय एवं तृतीय वर्ष को पढ़ाएंगे। ऐसे में प्रथम वर्ष में प्रवेश नहीं लिए जाएंगे।

परीक्षा के साथ हॉस्टल के लिए भी आवेदन
पहली बार प्रवेश के साथ छात्र हॉस्टल आवेदन के लिए भी आवेदन कर सकेंगे। आवेदन पत्र में हॉस्टल के लिए च्वाइस भरने का विकल्प मौजूद रहेगा। इस व्यवस्था के लागू होने से छात्रों को हॉस्टल आवंटन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा।


ईयर गैप पर कटेंगे अंक
वर्तमान सत्र 2018-19 के उत्तीर्ण छात्रों को लाभ देने के लिए विभिन्न वर्षों में प्रवेश अंतराल यानी ईयर गैप करने वाले छात्रों के अंकों में कटौती की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा सभी अभ्यर्थियों के लिए भाग-क हल किया जाना अनिवार्य होगा जबकि भाग-ख में उनके लिए  उपलब्ध विकल्पों के अनुरूप चयन की व्यवस्था होगी। 
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