अगले वर्ष से नीट के जरिये आयुष कॉलेजों में प्रवेश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस वर्ष नीट के जरिए केवल एलोपैथ के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया हो रही है। हालांकि केंद्र सरकार के अध्यादेश के बाद इससे एक वर्ष के लिए राज्यों को मोहलत मिल गई है लेकिन यूपी सहित देश के दूसरे प्रदेश अपने यहां नीट के जरिए ही प्रवेश लेंगे और देश भर के होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, यूनानी और नेचुरोपैथी के तकरीबन 450 कॉलेजों (होम्योपैथिक के पौने दो सौ, आयुर्वेदिक के 250, यूनानी के 50 और शेष नेचुरोपैथी) में प्रवेश के लिए सभी प्रदेशों को अलग-अलग प्रवेश परीक्षा करानी पड़ेगी। उत्तर प्रदेश सहित देश के दूसरे प्रदेशों ने इस परीक्षा को कराने की तैयारी की है। अगले वर्ष से प्रदेश सरकारों को इससे भी मुक्ति मिल जाएगी।
लाल बहादुर शास्त्री राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके चतुर्वेदी और यूनानी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.अनीस अहमद के मुताबिक इस बावत आयुष विभाग का पत्र आया है। अगले वर्ष से नीट के जरिए ही प्रवेश लिया जाएगा। आयुष विभाग के इस निर्णय से छात्र-छात्राओं में हर्ष है। उनका कहना है कि एक ही प्रवेश परीक्षा होने से अच्छी तैयारी हो सकेगी। आवेदन का खर्च कम होने से बेवजह तनाव और भागदौड़ से भी राहत मिलेगी।
इलाहाबाद और लखनऊ स्थित यूनानी मेडिकल कॉलेज में बीयूएमएस की 20-20 सीटें बढ़ेंगी। अब तक इन दोनों कॉलेजों में 40-40 सीटों पर प्रवेश हो रहा है। बीते दिनों केंद्रीय यूनानी काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से कॉलेजों में 60 सीटों के लिए नए मानक तय किए गए। ये वही मानक हैं जो 40 सीटों के लिए पहले तय किए गए थे। इस तरह इन कॉलेजों को 20-20 अतिरिक्त सीटें मिल गईं। लखनऊ और इलाहाबाद दोनों ही यूनानी कॉलेजों ने 20-20 सीटों के लिए यूनानी काउंसिल ऑफ इंडिया को दो लाख रुपये फीस भी जमा कर दी है। अब काउंसिल की टीम इन कॉलेजों का निरीक्षण करेगी। इसकी रिपोर्ट के बाद ही सीटें बढ़ाने और प्रवेश की अनुमति मिलेगी। यूनानी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.अनीस अहमद के मुताबिक स्वीकृति मिलने के बाद कॉलेजों में 60 सीटों पर प्रवेश हो सकेगा।