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Prayagraj News: सौर ऊर्जा के उपयोग में एनसीआर देश में अव्वल
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उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) ने सौर ऊर्जा के उपयोग में देश में पहला स्थान पाया है। एनसीआर क्षेत्र में अब तक 23.9 मेगावाट पीक क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित हो चुके हैं।
इससे रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से जून के दौरान इन सौर संयंत्रों से 6.95 मिलियन यूनिट ऊर्जा का उत्पादन किया है। इसके उपयोग से रेलवे को करीब 4.50 करोड़ रुपये की बचत की है। साथ ही पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम होने से 5,838 मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन को रोकने में भी सफलता पाई है।
वर्तमान में प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल समेत एनसीआर के कई प्रमुख स्टेशनों की इमारतों, रेलवे अधिकारियों के विश्राम गृहों, रिटायरिंग रूम के साथ ही सूबेदारगंज स्थित एनसीआर मुख्यालय और मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय की इमारतें पूरी तरह सौर ऊर्जा से रोशन हो रही हैं।
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एनसीआर के सीनियर पीआरओ डॉ. अमित मालवीय ने बताया कि रेलवे परिसरों में सौर ऊर्जा के प्रयोग का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है, इससे न केवल आर्थिक बचत हो रही है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।
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इससे रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से जून के दौरान इन सौर संयंत्रों से 6.95 मिलियन यूनिट ऊर्जा का उत्पादन किया है। इसके उपयोग से रेलवे को करीब 4.50 करोड़ रुपये की बचत की है। साथ ही पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम होने से 5,838 मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन को रोकने में भी सफलता पाई है।
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वर्तमान में प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल समेत एनसीआर के कई प्रमुख स्टेशनों की इमारतों, रेलवे अधिकारियों के विश्राम गृहों, रिटायरिंग रूम के साथ ही सूबेदारगंज स्थित एनसीआर मुख्यालय और मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय की इमारतें पूरी तरह सौर ऊर्जा से रोशन हो रही हैं।
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एनसीआर के सीनियर पीआरओ डॉ. अमित मालवीय ने बताया कि रेलवे परिसरों में सौर ऊर्जा के प्रयोग का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है, इससे न केवल आर्थिक बचत हो रही है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।