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Prayagraj News: एनसीईआरटी की पुस्तकें व समय प्रबंधन भौतिक विज्ञान दिलाएंगे बढ़त
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मयंक श्रीवास्तव, प्रवक्ता
- फोटो : संवाद
बोर्ड परीक्षाओं का समय नजदीक आते ही विद्यार्थियों के बीच भौतिक विज्ञान विषय को लेकर चिंता बढ़ जाती है। छात्र सही रणनीति अपनाएं तो इस विषय में अच्छे अंक हासिल कर सकते हैं। यह कहना है एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज के भौतिक विज्ञान विषय के प्रवक्ता मंयक श्रीवास्तव का।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले सिद्धांत को याद करें। उसकी परिभाषा को एक कागज पर लिखकर अध्ययन करें। उनका कहना है कि एनसीईआरटी की पुस्तकों से अभ्यास और समय प्रबंधन इस विषय में बढ़त दिला सकता है। फॉर्मूले को क्रमबद्ध तरीके से लिखें और उनके उपयोग को समझें। आंकिक प्रश्नों के उत्तरों को दोहराते रहें। इससे छात्रों के गणना कौशल में सुधार होगा। यह परीक्षा 27 फरवरी को आयोजित होगी।
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गणना के बाद उसकी इकाई (यूनिट) जरूर लिखें
प्रत्येक गणना के बाद उसकी इकाई (यूनिट) जरूर लिखें। इससे उत्तर सही और पूर्ण होंगे। प्रश्नों के उत्तर देते समय मध्य सूत्रों का उपयोग करें, जिससे उत्तरों में स्पष्टता रहे। साथ ही पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों को जरूर हल करें। इससे परीक्षा के पैटर्न और प्रश्नों के प्रकार के बारे में पता चलेगा। परीक्षा में सबसे पहले उन प्रश्नों को हल करें जो अच्छे से आते हों। इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा और समय का सही उपयोग होगा। दीर्घ उत्तरी प्रश्नों में वर्णात्मक व संख्यात्मक प्रश्न होते हैं। अगर दोनों प्रकार के प्रश्न आते हों तो संख्यात्मक प्रश्नों को प्राथमिकता दें।
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संख्यात्मक प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण टॉपिक
- वैद्युत द्विध्रुव, वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता
- गाउस प्रमेय
- किरचॉफ का नियम
- चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता, धारावाही लूप
- विद्युत चुंबकीय प्रेरण
- प्रत्यावर्ती धारा
- फोकस दूरी ज्ञात करना
- प्रिज्म, सूक्ष्मदर्शी, दूरदर्शी
- प्रकाश वैद्युत प्रभाव
- बंधन ऊर्जा
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वर्णात्मक प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण टॉपिक
- वैद्युत विमान, गाउस प्रमेय
- प्रिज्म, गोलीय सतह
- अर्धचालक व दिष्टकारी
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उन्होंने कहा कि सबसे पहले सिद्धांत को याद करें। उसकी परिभाषा को एक कागज पर लिखकर अध्ययन करें। उनका कहना है कि एनसीईआरटी की पुस्तकों से अभ्यास और समय प्रबंधन इस विषय में बढ़त दिला सकता है। फॉर्मूले को क्रमबद्ध तरीके से लिखें और उनके उपयोग को समझें। आंकिक प्रश्नों के उत्तरों को दोहराते रहें। इससे छात्रों के गणना कौशल में सुधार होगा। यह परीक्षा 27 फरवरी को आयोजित होगी।
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गणना के बाद उसकी इकाई (यूनिट) जरूर लिखें
प्रत्येक गणना के बाद उसकी इकाई (यूनिट) जरूर लिखें। इससे उत्तर सही और पूर्ण होंगे। प्रश्नों के उत्तर देते समय मध्य सूत्रों का उपयोग करें, जिससे उत्तरों में स्पष्टता रहे। साथ ही पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों को जरूर हल करें। इससे परीक्षा के पैटर्न और प्रश्नों के प्रकार के बारे में पता चलेगा। परीक्षा में सबसे पहले उन प्रश्नों को हल करें जो अच्छे से आते हों। इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा और समय का सही उपयोग होगा। दीर्घ उत्तरी प्रश्नों में वर्णात्मक व संख्यात्मक प्रश्न होते हैं। अगर दोनों प्रकार के प्रश्न आते हों तो संख्यात्मक प्रश्नों को प्राथमिकता दें।
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संख्यात्मक प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण टॉपिक
- वैद्युत द्विध्रुव, वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता
- गाउस प्रमेय
- किरचॉफ का नियम
- चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता, धारावाही लूप
- विद्युत चुंबकीय प्रेरण
- प्रत्यावर्ती धारा
- फोकस दूरी ज्ञात करना
- प्रिज्म, सूक्ष्मदर्शी, दूरदर्शी
- प्रकाश वैद्युत प्रभाव
- बंधन ऊर्जा
वर्णात्मक प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण टॉपिक
- वैद्युत विमान, गाउस प्रमेय
- प्रिज्म, गोलीय सतह
- अर्धचालक व दिष्टकारी