नरेंद्र गिरि मौत मामला : आरोपी संदीप से सीबीआई ने पूछा- क्या था ऑडियो में जो कर दिया डिलीट
मोबाइल से ऑडियो डिलीट होने की बात आई सामने, पिता आद्या समेत पुलिस लाइन में संदीप तिवारी से चलती रही पूछताछ।
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आनंद गिरि के साथ ही कस्टडी रिमांड पर लिए गए आद्या तिवारी व उसके बेटे संदीप तिवारी से पुलिस लाइन में देर शाम तक पूछताछ चलती रही। सीबीआई टीम के सदस्यों ने संदीप से उस ऑडियो के बारे में पूछा जो फिलहाल उसके मोबाइल में बरामद नहीं हुआ है। सीबीआई अफसरों ने संदीप से पूछा कि उसने कौन सा ऑडियो और क्यों डिलीट किया। जिसका फिलहाल वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
आद्या तिवारी बड़े हनुमान मंदिर का पुजारी रह चुका है जबकि संदीप उसका बेटा है। सूत्रों का कहना है कि मठ व अखाड़े से निष्कासन के बाद से आनंद गिरि को भीतर की खबरें संदीप व आद्या तिवारी ही पहुंचाते थे। इस बात की जानकारी होने पर ही महंत दोनों से नाराज हो गए थे और इसके बाद ही उन्होंने दोनों पर भी अंकुश लगा दिया था। मठ में रहने वाले शिष्यों व सेवादारों से पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि संदीप के मोबाइल में एक ऑडियो था, जिसमें महंत के बारे में अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था।
हालांकि गिरफ्तारी के दौरान मोबाइल बरामद किए जाने के बाद भी पुलिस को ऑडियो नहीं मिल सका। सीबीआई बुधवार को संदीप से इसी ऑडियो के बाबत पूछताछ करती रही। टीम में शामिल सदस्यों के पूछने पर वह पहले तो ऑडियो की जानकारी से ही इंकार करता रहा। फिर जब उससे यह पूछा गया कि कि ऑडियो के बाबत मठ के शिष्यों-सेवादारों से जानकारी मिली है, तो वह गोलमोल बातें करने लगा।
इसके बाद पूछताछ में ही उसने यह राज उगला कि उसके मोबाइल से कुछ ऑडियो डिलीट किए गए हैं। सीबीआई अफसरों ने जब उससे यह पूछा कि वह कौन सा ऑडियो था, इस पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। फिलहाल देर शाम तक उससे पूछताछ की जाती रही। उधर उसके पिता आद्या तिवारी से भी सीबीआई की टीम ने सवाल पूछे।
पूछा, कौन सा ‘विश्वासघात’हुआ महंत के साथ
आद्या व संदीप से सीबीआई टीम के सदस्यों ने उस विश्वासघात के बारे में भी पूछताछ की, जिसका जिक्र महंत के कथित सुसाइड नोट में किया गया था। सीबीआई अफसरों ने पूछा कि महंत के साथ कौन सा विश्वासघात हुआ जिसके चलते वह आनंद के साथ ही उन दोनों से भी आहत थे। हालांकि पिता-पुत्र यही कहते रहे कि महंत से उनका कभी कोई बैर नहीं रहा। गुरु-शिष्य के रिश्ते में खटास आने के बाद भी उनका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं था। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने आनंद गिरि के संपर्क में होने की बात स्वीकार की लेकिन किसी तरह की साजिश में शामिल होने की बात से साफ इंकार किया।
महंत आनंद गिरि को लेकर भले ही सीबीआई की टीम हरिद्वार रवाना हो गई हो लेकिन आद्या व संदीप से पूछताछ जारी है। इस बात की भी संभावना है कि बृहस्पतिवार को सीबीआई की एक टीम दोनों को लेकर फिर मठ पहुंच सकती है। जहां उनका शिष्यों व सेवादारों से आमना-सामना कराया जा सकता है।