फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Narendra Giri Case: Five-member committee will handle the work of Math, advisory board will be formed

नरेंद्र गिरि केस : पांच सदस्यीय कमेटी संभालेगी मठ का कामकाज, बनेगा एडवाइजरी बोर्ड

Thu, 30 Sep 2021 11:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 30 Sep 2021 11:43 PM IST
विज्ञापन
Narendra Giri Case: Five-member committee will handle the work of Math, advisory board will be formed
prayagraj : महंत बलवीर गिरि। - फोटो : prayagraj

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और मठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद उपजे मठ के महंत के उत्तराधिकार के मुद्दे को लेकर चल रहा असमंजस लगभग खत्म हो गया है। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के पंचों, श्रीमहंतों की बैठक में उपमहंत बलवीर गिरि के नाम पर सहमति बन चुकी है। बस, इसकी औपचारिक घोषणा होनी बाकी है। मठ का कामकाज संभालने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाने का भी फैसला हुआ है।

विज्ञापन


कमेटी में कौन-कौन से लोग रहेंगे इसको लेकर अभी खुलासा नहीं किया गया है। हरिद्वार में होने वाली बैठक में कमेटी में शामिल नामों का भी खुलासा किया जा सकता है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ब्रह्मलीन श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के कथित सुसाइड नोट की गुत्थी भले ही नहीं सुलझी, लेकिन अखाड़े के पंच परमेश्वरों ने संत बलबीर गिरि को बाघंबरी पीठ और लेटे हनुमान की गद्दी सौंपने पर सहमति दे दी है। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के षोडशी के बाद पांच अक्तूबर को संत बलबीर गिरि की शर्तों के साथ ताजपोशी की जाएगी।
विज्ञापन


श्री निरंजनी अखाड़े के श्रीमहंत रविंद्रपुरी समेत पांच संतों का सुपरवाइजरी बोर्ड बनेगा। बोर्ड ही बाघंबरी पीठ और लेटे हनुमान मंदिर की संपत्ति से लेकर 30 बीघा जमीन की देखरेख करेगा। बिना बोर्ड की अनुमति के बलबीर गिरि को संपत्ति बेचना का अधिकार नहीं होगा। संन्यास परंपरा का उल्लंघन या फिर किसी भी तरह का विवाद होने पर बोर्ड को बलबीर गिरि को गद्दी से हटाने की अधिकार होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

Narendra Giri Case: Five-member committee will handle the work of Math, advisory board will be formed
Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी। - फोटो : प्रयागराज

निरंजनी अखाड़े के सचिव और मनसा देवी ट्रस्ट अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी ने स्पष्ट किया कि पंच की आम सहमति के बाद बलवीर गिरि को मठ बाघंबरी गद्दी का महंत बनाया जाना तय हो गया है। लेकिन, हरिद्वार में निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि की अध्यक्षता में होने वाली अखाड़े के पंच परमेश्वर की बैठक में बलवीर गिरि के नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

महंत नरेंद्र गिरि ने भी अपने सुसाइड नोट में बलवीर गिरि को ही मठ का उत्तराधिकारी बनाते हुए उन्हें अपने कमरे की चाबी सौंपने की इच्छा व्यक्त की थी। लेकिन, उनकी मौत के बाद सुसाइड नोट पर ही सवाल उठने पर यह मामला लंबित हो गया था। अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि, सचिव श्री महंत रवींद्र पुरी के अतिरिक्त अखाड़ा परिषद के महामंत्री और जूना अखाड़े के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत हरि गिरि ने भी सुसाइड नोट को फर्जी बताते हुए अस्वीकार कर दिया था।

सुसाइड नोट पर सवाल उठने के बाद निरंजनी अखाड़े के उप महंत बलबीर गिरि ने भी स्वयं को उत्तराधिकार के मुद्दे से यह कहते हुए अलग कर लिया था कि मैं अभी मठ का उत्तराधिकारी नहीं हूं। अखाड़े के पंच परमेश्वर जिसे यह दायित्व सौपेंगे, वह मठ के महंत की जिम्मेदारी का निर्वाह करेगा।

Narendra Giri Case: Five-member committee will handle the work of Math, advisory board will be formed
Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी। - फोटो : प्रयागराज
वसीयत में दो बार लिखा था बलवीर का नाम
महंत नरेंद्र गिरि ने अपनी वसीयत में  बलवीर गिरि का दो बार जिक्र किया था। अपने उत्तराधिकारी को लेकर उन्होंने तीन बार वसीयतें बनवाईं। पहली बार 2010 में उत्तराधिकार को लेकर की गई वसीयत में शिष्य बलवीर गिरि को अपना उत्तराधिकारी बनाया था। लेकिन बलवीर गिरि के हरिद्वार में ही व्यस्त रहने के कारण उन्होंने 29 अगस्त वर्ष 2011 में दूसरी बार जब वसीयत तैयार कराई तो अपने शिष्य स्वामी आनंद गिरि को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया।

लेकिन, आनंद गिरि से दूरियां बढ़ने लगीं तो महंत नरेंद्र गिरि ने चार जून 2020 को अपनी पूर्व में तैयार कराई गई दोनों वसीयतों को निरस्त करते हुए तीसरी वसीयत तैयार कराई। इस तीसरी रजिस्टर्ड वसीयत में उन्होंने एक बार फिर यानी दोबारा बलवीर गिरि को ही मठ बाघंबरी का उत्तराधिकारी घोषित किया था। इस विवाद के बाद पंच परमेश्वर की बैठक भी स्थगित कर दी गई।

वर्ष 2005 में ली थी संन्यास की दीक्षा
निरंजनी के उपमहंत बलबीर पुरी ने वर्ष 2005 में संन्यास की दीक्षा ली थी। इससे पहले उन्हें हरिद्वार में विल्केश्वर मंदिर की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई थी। इस बीच कुंभ-2019 में महंत नरेंद्र गिरि ने बलवीर गिरि को हरिद्वार स्थित बिल्केश्वर मंदिर से प्रयागराज के मठ बाघंबरी बुला लिया गया था। वह बीते तीन वर्षों से महंत नरेंद्र गिरि के साथ मठ बाघंबरी गद्दी में ही रह रहे थे।

Narendra Giri Case: Five-member committee will handle the work of Math, advisory board will be formed
prayagraj : महंत बलवीर गिरि। - फोटो : prayagraj
बलवीर की वसीयत में अखाड़े की परंपरा का पालन नहीं
विल्केश्वर मंदिर की जिम्मेदारी संभाल रहे उप महंत बलवीर गिरि के नाम बाघंबरी गद्दी की वसीयत निरंजनी अखाड़े की नियमावली के विपरीत बताई जा रही है। निरंजनी अखाड़े की परंपरा के अनुसार बाघंबरी मठ में वसीयत के जरिए ही महंत अपने उत्तराधिकारी का चयन करते रहे हैं। लेकिन, इस तरह की वसीयत तभी मान्य होती है, जब अखाड़े के साधु या पदाधिकारी उसके गवाह बनाए गए हों। चार जून 2020 को बलवीर गिरि के नाम महंत नरेंद्र गिरि ने जो वसीयत की है, उसमें अखाड़े के किसी गवाह को नहीं शामिल किया गया है। बल्कि इस वसीयत में मान सिंह और रवींद्र कुमार उपाध्याय को गवाल बनाया गया है। ऐसे में इस वसीयत पर सवाल उठने लगे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed