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नरेंद्र गिरि केस अपडेट: सीबीआई को आनंद गिरि के लैपटॉप, मोबाइल से नहीं मिला कोई सुराग

Sun, 03 Oct 2021 12:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 03 Oct 2021 12:19 PM IST
सार

सीबीआई यह भी मानकर चल रही है कि अश्लील वीडियो की फर्जी धमकी देकर महंत को परेशान करने की साजिश हो सकती है। मठ के सेवादारों से पूछताछ में भी यह बात सामने नहीं आई कि महंत वीडियो को लेकर परेशान थे। उन्होंने कभी भी अपने किसी करीबी से भी इस सबंध में कुछ नहीं कहा था। 

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Narendra Giri Case: CBI did not get any video from Anand Giri laptop, mobile, was it being harassed by giving false threats?
Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच करने मठ बाघंबरी गद्दी पहुंची सीबीआई की टीम। - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

महंत नरेंद्र गिरि की मौत मामले की जांच में जुटी सीबीआई के हाथ कथित वीडियो नहीं आने पर अब सवाल भी उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि वीडियो के नाम पर झूठी धमकी देकर महंत को ब्लैकमेल किया जा रहा था? आनंद गिरि के मोबाइल व लैपटॉप से सीबीआई को वीडियो नहीं मिल सका है। वीडियो कहां और किसके पास है, काफी कोशिशों के बाद भी सीबीआई को इसका सुराग नहीं मिल सका है।

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महंत के कमरे से जो सुसाइड नोट बरामद हुआ, उसमें लिखा था कि आनंद गिरि उन्हें बदनाम करने वाला था और इसी से विचलित होकर उन्होंने यह कदम उठाया। सुसाइड नोट में इस बात का जिक्र था कि किसी अश्लील तस्वीर के जरिए उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही थी। जिससे माना गया कि अश्लील वीडियो के जरिए महंत को ब्लैकमेल किया जा रहा था। उन्हें बदनाम करने की धमकी दी जा रही थी।

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लैपटॉप और मोबाइल से कुछ न मिलने पर उठने लगे सवाल

हालांकि पहले एसआईटी और बाद में सीबीआई की जांच में भी अब तक उस कथित वीडियो का सुराग नहीं मिल सका है। सीबीआई की टीम ने हरिद्वार जाकर आनंद गिरि का लैपटॉप व मोबाइल बरामद किया, तो माना जा रहा था कि अब सबूत सीबीआई के हाथ आ जाएगा। लेकिन हरिद्वार से लौटने के दो दिन बात भी सीबीआई वीडियो का पता नहीं लगा सकी है। ऐसे में अब सवाल भी उठने लगे हैं। एक बड़ा सवाल यह है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि वीडियो के नाम पर झूठी धमकी देकर महंत को डराया जा रहा था।

किसी को नहीं वीडियो की जानकारी
कथित वीडियो के अस्तित्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो इसकी अपनी वजहें भी हैं। दरअसल मामले के तीनों आरोपियों आनंद गिरि, आद्या तिवारी व उसके बेटे संदीप तिवारी ने हर बार सीबीआई को यही जवाब दिया है कि उन्हें ऐसे किसी वीडियो की जानकारी नहीं है। बड़ी बात यह है कि महंत के शिष्यों व सेवादारों या अन्य करीबियों ने भी वीडियो की जानकारी की बात स्वीकार नहीं की है। सीबीआई की पूछताछ में उन्होंने यह बात तो कबूली है कि महंत आनंद गिरि से परेशान थे लेकिन वीडियो या किसी तस्वीर के बाबत जानकारी की बात से उन्होेंने भी इंकार किया है।

महंत ने करीबियों से भी नहीं किया था जिक्र
कथित वीडियो के अस्तित्व को लेकर सवाल खड़े होने के पीछे एक और वजह है। दरअसल महंत के करीबियों ने पुलिस व सीबीआई को यह तो बताया था कि उन्होंने आनंद गिरि से परेशान होने की बात उनसे बताई थी। लेकिन किसी ने भी इस बात की जानकारी नहीं दी है कि महंत ने कभी उनसे किसी वीडियो या तस्वीर के जरिए ब्लैकमेल किए जाने की बात बताई। वास्तव में उन्हें भी सुसाइड नोट मिलने के बाद ही यह बात पता चली। 

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