{"_id":"5e52ae398ebc3ef40b5949ea","slug":"mutavalli-will-also-be-subjected-to-provoking-religious-sentiments-allahabad-news-ald2692948153","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुतवल्ली पर भी लगेंगी धार्मिक भावनाएं भड़काने की धाराएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुतवल्ली पर भी लगेंगी धार्मिक भावनाएं भड़काने की धाराएं
विज्ञापन
mutavalli will also be subjected to provoking religious sentiments
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोतवाली स्थित इमामबाड़े में अवैध निर्माण कराने व अन्य आरोपों में दर्ज केस में नामजद मुतवल्ली वकार रिजवी पर भी धार्मिक भावनाएं भड़काने का केस चल सकता है। दरअसल विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ भी संबंधित धाराओं में केस चलाने की अनुमति शासन से मांगी है। बता दें कि इस मामले में शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष वसीम रिजवी भी नामजद हैं।
कोतवाली के जीटी रोड पर स्थित गुलाम हैदर त्रिपोलिया इमामबाड़ा में अवैध रूप से दुकानों का निर्माण कराने व कई बार नोटिस व सीलिंग की कार्रवाई करने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखने पर अगस्त 2016 में एडीए की ओर से कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
इसमें शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष वसीम रिजवी नामजद हुए लेकिन विवेचना में उनकी नामजदगी गलत बताते हुए पुलिस ने उन्हें क्लीन चिट दे दी। साथ ही मुतवल्ली वकार रिजवी के खिलाफ चार्जशीट लगा दी। शिकायत पर अल्पसंख्यक आयोग के आदेश पर मामले की पुनर्विवेचना हुई।
विज्ञापन
जिसमें पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर वसीम रिजवी का नाम फिर से प्रकाश में लाते हुए शासन की अनुमति से धार्मिक भावनाएं भड़काने से संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि विवेचना के दौरान आरोपी मुतवल्ली वकार रिजवी के खिलाफ भी पूर्व में लगी धाराओं के अलावा किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने के आशय से उपासना के स्थान की क्षति करना(295ए), विभिन्न समुदायों के बीच शुत्रुता, घृणा, या वैमनस्य की भावना पैदा करना(505बी), दो वर्गो के बीच नफरत फैलाने, आपराधिक साजिश(120बी), 51 वक्फ बोर्ड एक्ट व पूजा स्थल विधेयक 1991 के तहत भी धाराओं की अपराध का होना पाया गया।
ऐसे में उसके खिलाफ भी इन धाराओं में केस चलाने के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि अनुमति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीबीआई को मिली है जांच
बता दें कि प्रदेश सरकार ने पिछले साल शिया-सुन्नी वक्फ बोर्ड में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की जांच सीबीआई को सौंप दी है। जिन दो मुकदमों को इसके लिए आधार बनाया गया है उनमें से एक शहर कोतवाली का उपरोक्त मुकदमा है।
विज्ञापन
कोतवाली के जीटी रोड पर स्थित गुलाम हैदर त्रिपोलिया इमामबाड़ा में अवैध रूप से दुकानों का निर्माण कराने व कई बार नोटिस व सीलिंग की कार्रवाई करने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखने पर अगस्त 2016 में एडीए की ओर से कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
विज्ञापन
इसमें शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष वसीम रिजवी नामजद हुए लेकिन विवेचना में उनकी नामजदगी गलत बताते हुए पुलिस ने उन्हें क्लीन चिट दे दी। साथ ही मुतवल्ली वकार रिजवी के खिलाफ चार्जशीट लगा दी। शिकायत पर अल्पसंख्यक आयोग के आदेश पर मामले की पुनर्विवेचना हुई।
विज्ञापन
जिसमें पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर वसीम रिजवी का नाम फिर से प्रकाश में लाते हुए शासन की अनुमति से धार्मिक भावनाएं भड़काने से संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि विवेचना के दौरान आरोपी मुतवल्ली वकार रिजवी के खिलाफ भी पूर्व में लगी धाराओं के अलावा किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने के आशय से उपासना के स्थान की क्षति करना(295ए), विभिन्न समुदायों के बीच शुत्रुता, घृणा, या वैमनस्य की भावना पैदा करना(505बी), दो वर्गो के बीच नफरत फैलाने, आपराधिक साजिश(120बी), 51 वक्फ बोर्ड एक्ट व पूजा स्थल विधेयक 1991 के तहत भी धाराओं की अपराध का होना पाया गया।
ऐसे में उसके खिलाफ भी इन धाराओं में केस चलाने के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि अनुमति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीबीआई को मिली है जांच
बता दें कि प्रदेश सरकार ने पिछले साल शिया-सुन्नी वक्फ बोर्ड में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की जांच सीबीआई को सौंप दी है। जिन दो मुकदमों को इसके लिए आधार बनाया गया है उनमें से एक शहर कोतवाली का उपरोक्त मुकदमा है।