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Prayagraj News: वक्फ संपत्ति से अवैध कब्जा हटाने का मुस्लिम समाज करे समर्थन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2024 07:05 AM IST
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Muslim community should support removal of illegal encroachment from Waqf property
वक्फ बोर्ड की संपत्ति से अवैध कब्जा हटाए जाने का मुस्लिम समाज के लोगों को भी समर्थन करना चाहिए। यह बात मंगलवार को प्रयागराज आए निरंजनी आखाड़े के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने संवाददाताओं से बातचीत में कही।
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उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड की नियमावली में किए जा रहे संशोधन का वह समर्थन करते हैं। वक्फ बोर्ड की संपत्ति इस्लाम धर्म के लोगों के लिए है। अगर सार्वजनिक संपत्ति पर कोई अवैध रूप से कब्जा करके व्यवसाय कर रहा है तो यह गलत है। वक्फ संपत्ति पर विवाहघर या दुकान कैसे बनाई जा सकती है। यह पूरी तरह से अवैध है और मुस्लिम समाज के लोगों को भी यह बात समझानी होगी।
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हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अवैध मजारों के खिलाफ के खिलाफ उठ रही आवाज पर कैलाशानंद गिरि बोले कि मठ हो या मजार, अगर अवैध रूप से निर्माण हुआ है तो कार्रवाई होनी चाहिए। इस मसले पर तीन दिनों पहले उन्होंने उत्तराखंड में सीएम के साथ बैठक भी की है। देवभूमि पर अवैध मजारों को चिह्नित कर उसे हटाया जाना चाहिए। सभी साधु इसका समर्थन करते हैं और वहां की सरकार के साथ हैं।
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साधुओं का मौखिक और मौलिक अपमान न करें अखिलेश
- सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से बीते दिनों मठाधीश और माफिया पर दिए गए बयान पर कैलाशानंद ने कहा कि अखिलेश साधुओं का मौखिक और मौलिक अपमान न करें। मठाधीश कभी माफिया और माफिया कभी मठाधीश नहीं हाे सकता। अखिलेश को अगर लगता है कि उनका यश बढ़ रहा है तो इसमें वृद्धि के लिए साधुओं का सम्मान करें।
अब अखाड़ों में कोई विवाद नहीं, दिव्य और भव्य होगा कुंभ
- कैलाशानंद गिरी ने कहा कि इस बार अखाड़ा परिषद और प्रशासन के बीच अच्छे समन्वय के साथ भव्य और दिव्य कुंभ होगा। इसमें भाईचारा, व्यवहारिकता और अध्यात्मिकता भी शामिल होगी। आखाड़ा परिषद में अब कोई विवाद नहीं रह गया है। पहले दो अध्यक्ष और दो महामंत्री होते थे लेकिन अब एक अध्यक्ष और एक महामंत्री हैं। अध्यक्ष रविंद्र पुरी और महामंत्री हरि गिरि को नौ अखाड़ों का समर्थन है। बाकी तीन वैष्णव अखाड़ों को भी अब साथ आ जाना चाहिए।
कुंभ में नहीं होना चाहिए ‘पेशवाई’ और ‘शाही’ शब्द का प्रयोग
- निरंजनी आखाड़ा के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी ने कहा कि कुंभ में ‘पेशवाई’ और ‘शाही’ शब्द का प्रयोग नहीं होना चाहिए। देश आजाद होने से पहले किसी ने ऐसे अरबी-फारसी शब्दों का प्रयोग किया जो आज तक चले आ रहे हैं। ये शब्द सनातनी परंपरा के अनुुकूल नहीं हैं और इन्हें बदला जाना चाहिए। निश्चित रूप रूप से जब इसमें बदलाव होगा तो निरंजनी आखाड़ा का प्रमुख होने के नाते उनसे पूछा जाएगा। तब संस्कृत के विद्वानों के साथ बैठकर कोई उपयुक्त शब्द खोजा जाएगा।
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पूरे देश में लागू होनी चाहिए समान नागरिक संहिता
प्रयागराज। कैलाशानंद गिरि पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने का समर्थन करते हैं। उनका कहना है कि बड़े घरों के बच्चों को नौकरी की जरूरत नहीं पड़ती और छोटे घरों के परिश्रमी बच्चे अल्पसंख्यक न होने के कारण नौकरी से वंचित रह जाते हैं। उनका आईएएस, आईपीएस बनने का सपना अधूरा रह जाता है। ऐसे में समान नागरिक संहिता को पूरे देश में लागू करना चाहिए।
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भाजपा नेता के राकेश शुक्ला के घर पोंगनूर गाय से मिले कैलाशानंद
प्रयागराज। घूरपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी मंगलवार शाम भाजपा नेता राकेश कुमार शुक्ला के ऑकलैंड रोड स्थित आवास पहुंचे और मां सरस्वती के पूजन-अर्चन के बाद वहां मौजूद लोगों को आशीर्वाद दिया।

राकेश शुक्ला के आवास पर आंध्र प्रदेश के एक गांव में मिलने वाली दुर्लभ प्रजाति की पोंगनूर गाय भी है, जिसके दूध से तिरुपति बालाजी का अभिषेक होता है और उन्हें भोग लगाया जाता है। कैलाशानंद पोंगनूर गाय से भी मिले।
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