प्रयागराज : दरोगा के बेटे का कातिल गिरफ्तार, फिलहाल अब तक की जांच में पैसों का विवाद सामने आया
वाराणसी के सारनाथ थाने में तैनात दरोगा बद्री प्रसाद यादव का बेटा पंकज (27) छोटे भाई नीरज और बहन के साथ तेलियरगंज में रहता था। बद्री थरवई के 40 नंबर गुमटी के पास मकान बनवा रहे हैं। देख रेख पंकज ही करता था।
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थरवई के 40 नंबर गुमटी मुहल्ले में बुधवार की सुबह दरोगा बद्री प्रसाद यादव के बेटे पंकज यादव यादव का कत्ल करने वाले रोहित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों के बीच पैसों का विवाद ही सामने आया है। पुलिस को घटनास्थल से आरोपी रोहित का मोबाइल मिला था। उसी से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी पूछताछ प्रारंभिक अवस्था में है। यह भी हो सकता है कि कत्ल का कारण कुछ और हो।
वाराणसी के सारनाथ थाने में तैनात दरोगा बद्री प्रसाद यादव का बेटा पंकज (27) छोटे भाई नीरज और बहन के साथ तेलियरगंज में रहता था। बद्री थरवई के 40 नंबर गुमटी के पास मकान बनवा रहे हैं। देख रेख पंकज ही करता था। बुधवार की सुबह पंकज 40 नंबर गुमटी पहुंचा था। उसके निर्माणाधीन मकान के बगल में झोलाछाप रोहित यादव ने जन कल्याण चिकित्सालय के नाम पर क्लीनिक खोल रखी थी। वहां आते जाते पंकज की रोहित से दोस्ती हो गई थी। वह अक्सर ही रोहित की क्लीनिक में बैठता था। बुधवार को भी पंकज क्लीनिक गया। वहीं उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी रोहित वहां से तुरंत बाइक लेकर भाग निकला।
लोगों से खुद को बताता था डॉक्टर
पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तो आरोपी रोहित का मोबाइल क्लीनिक में मिल गया। वह प्रतापगढ़ के फतनपुर थाना क्षेत्र के रामपुर गौरा का रहने वाला है। उसने आस पास के लोगों से खुद को डाॅक्टर बताया था। हालांकि, जांच के दौरान पता चला कि वह किसी अस्पताल में वार्ड ब्वाय था। इसके बाद उसने क्लीनिक खोल लिया। उसके घर दबिश दी गई लेकिन वह नहीं मिला। उसके मोबाइल से पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
पुलिस ने बुधवार को ही उसके घर वालों को पकड़ लिया था। उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी। बृहस्पतिवार को थरवई पुलिस के साथ साथ एसओजी ने भी कई जगह दबिश दी। गंगापार के कई इलाकों से लेकर प्रतापगढ़ तक खोजबीन की गई। देर रात पुलिस ने आरोपी झोलाछाप रोहित को गिरफ्तार कर लिया।
दोनों पक्षों में पैसों को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस की पूछताछ में उसने फिलहाल यही बताया है कि दोनों के बीच पैसों को विवाद था। बुधवार की सुबह भी इसी को लेकर विवाद बढ़ा। गुस्से में उसने पंकज की गोली मारकर हत्या कर दी। हालांकि पूछताछ में जुटे अधिकारियों ने बताया है कि दोनों ही पक्ष पैसों के विवाद की बात कह रहे हैं लेकिन पुलिस और भी बिंदुओं की जांच कर रही है। आरोपी के मोबाइल से तमाम बातों का पता चला है, सबकी छानबीन हो रही है। पूरी पड़ताल के बाद ही हत्या के कारणों की जानकारी दी जाएगी।
थरवई में पंकज यादव की हत्या करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। - अभिषेक भारती, डीसीपी गंगानगर
काफी समय से चल रहा था विवाद, मंगलवार शाम गोली मारने की दी थी धमकी
पंकज और रोहित के बीच काफी समय से पैसों लेकर विवाद चल रहा था। मंगलवार की शाम बात इतनी बढ़ गई कि रोहित ने गोली मारने की धमकी दी थी। हालांकि पंकज ने उसकी धमकी को गंभीरता से नहीं लिया था। पंकज ने किसी से सेकेंड हैंड एक मंहगा मोबाइल खरीदा था। वह मोबाइल बार-बार खराब हो जा रहा था। रोहित ने पंकज से वह मोबाइल ले लिया। उसी का पैसा वह वापस नहीं कर रहा था।
पांच हजार रुपये के लिए दोनों में कई बार विवाद हो चुका था। मंगलवार की शाम रोहित ने पंकज को धमकाया था कि वह उसे गोली मार देगा। पंकज ने धमकी को हल्के में लिया और बुधवार की सुबह ही रोहित की क्लीनिक में पहुंच गया। यहीं पर दोनों में फिर विवाद हुआ और पंकज की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
जालसाज है आरोपी, अलग अलग लोगों से बताता था अलग अलग नाम
पंकज की हत्या की जांच में जुटी पुलिस को पता चला कि जालसाज किस्म का व्यक्ति था। वार्ड ब्वाय रहते हुए उसने काम सीखा और खुद को डाक्टर कहना शुरू कर दिया। किसी से वह अपना नाम रोहित विश्वकर्मा बताता था तो किसी से रोहित शर्मा, कुछ लोगों से उसने अपना नाम राज बताया था। उसने शक्ति सिंह के नाम से मेलआईडी बनाई थी। जांच में यह भी पता चला कि रोहित के खिलाफ प्रतापगढ़ के कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं।