प्रयागराज। सिपाही भर्ती परीक्षा 2018 के शारीरिक मानक परीक्षण के दौरान 15 मुन्ना भाइयों को सोमवार को पुलिस लाइन में पकड़ लिया गया। अलग अलग तिथियों में हुई लिखित परीक्षा के दौरान उनकी जगह किसी ने परीक्षा दी थी। बायोमैट्रिक मिलान के दौरान 15 अभ्यर्थियों को पकड़ा गया। उनकी मार्कशीट तथा दस्तावेजों को मिलान किया गया। सभी को गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया गया।
सिपाही भर्ती परीक्षा 2018 की लिखित परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को छह जनवरी को पुलिस लाइन में शारीरिक मानक परीक्षण के लिए बुलाया गया था। इस दौरान फिंगर प्रिंट, फोटो तथा हस्ताक्षरों का मिलान शुरू हुआ तो 15 अभ्यर्थियों के बायोमैट्रिक पहचान लिखित परीक्षा से अलग निकली। कुछ ने तो फोटो में भी छेड़छाड़ की थी। संदेह के घेरे में आए अभ्यर्थियों से कड़ी पूछताछ की गई। उनके दस्तावेजों को चेक करने के बाद दरोगा बैकुंठ नाथ पांडेय की तहरीर पर कर्नलगंज थाने में अर्जुन सरोज, सचिन कुमार सरोज, आशीष, ज्ञान चंद्र सरोज, सुजीत कुमार, संतोष कुमार, संतोष, राकेश कुमार, अमित कुमार, मनोज भारतीय, सुनील कुमार, मानिक चंद्र, रमेश कुमार और धर्मराज के खिलाफ धारा 420 और उप्र सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इंस्पेक्टर कर्नलगंज एके त्यागी ने बताया कि मंगलवार को 15 अभ्यर्थियों को जेल भेज दिया गया। अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा में किसी और को बिठाया था। वहां अंगूठे के निशान के आधार पर अभ्यर्थियों को शारीरिक मानक परीक्षण में पकड़ लिया गया।