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हाईकोर्ट जाने पर निगम ने रद्द किया ठेका, कुंभ का टेंडर सिर्फ दिल्ली में निकालने को दी गई थी चुनौती
Tue, 08 Jan 2019 10:46 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 08 Jan 2019 10:46 PM IST
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नगर निगम द्वारा निकाले टेंडर को हाईकोर्ट में चुनौती देने पर निगम ने याची का ठेका ही रद्द कर दिया। कोर्ट ने इस पर निगम से जवाब तलब किया है। पूछा है कि जब याचिका लंबित है और निगम को उस पर जवाब दाखिल करना है तो उसने याची का टेंडर किस आधार पर निरस्त किया।
हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त से इसके स्पष्टीकरण के साथ 17 जनवरी तक जवाब मांगा है। जवाब दाखिल न करने की स्थिति में नगर आयुक्त को स्वयं उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
मेसर्स ट्रैफिक मीडिया (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। याची का कहना था कि नगर निगम ने कुंभ के कुछ कार्यों के लिए टेंडर निकाला, जिसका विज्ञापन सिर्फ दिल्ली में छापा गया।
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इस मामले पर हाईकोर्ट ने नगर निगम से जवाब मांगा था। याची का कहना है कि कोर्ट में याचिका दाखिल होने और जवाब तलब होने की सूचना पर नगर निगम ने उसका ठेका रद्द कर दिया।
जवाब भी नहीं दाखिल किया। कोर्ट ने नगर निगम से ठेका रद्द करने का कारण पूछा है। नगर आयुक्त ने इसके लिए तीन सप्ताह का समय मांगा। कोर्ट इतनी लंबी मोहलत देने से इंकार करते हुए नगर आयुक्त को 17 जनवरी तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त से इसके स्पष्टीकरण के साथ 17 जनवरी तक जवाब मांगा है। जवाब दाखिल न करने की स्थिति में नगर आयुक्त को स्वयं उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
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मेसर्स ट्रैफिक मीडिया (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। याची का कहना था कि नगर निगम ने कुंभ के कुछ कार्यों के लिए टेंडर निकाला, जिसका विज्ञापन सिर्फ दिल्ली में छापा गया।
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इस मामले पर हाईकोर्ट ने नगर निगम से जवाब मांगा था। याची का कहना है कि कोर्ट में याचिका दाखिल होने और जवाब तलब होने की सूचना पर नगर निगम ने उसका ठेका रद्द कर दिया।
जवाब भी नहीं दाखिल किया। कोर्ट ने नगर निगम से ठेका रद्द करने का कारण पूछा है। नगर आयुक्त ने इसके लिए तीन सप्ताह का समय मांगा। कोर्ट इतनी लंबी मोहलत देने से इंकार करते हुए नगर आयुक्त को 17 जनवरी तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।