Prayagraj : कपलिंग टूटने से दो हिस्सों में बंटी मालगाड़ी, टला बड़ा हादसा, 45 मिनट प्रभावित रहा रेल संचालन
अटरामपुर रेलवे स्टेशन के पास फाफामऊ की ओर आ रही एक मालगाड़ी की कपलिंग टूटने से वह दो हिस्सों में बट गई। इस दौरान इंजन समेत 13 वैगन मालगाड़ी से अलग हो गए। गनीमत रही कि इससे कोई हादसा नहीं हुआ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अटरामपुर रेलवे स्टेशन के पास फाफामऊ की ओर आ रही एक मालगाड़ी की कपलिंग टूटने से वह दो हिस्सों में बट गई। इस दौरान इंजन समेत 13 वैगन मालगाड़ी से अलग हो गए। गनीमत रही कि इससे कोई हादसा नहीं हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआरएम लखनऊ ने इस मामले में जांच बैठा दी है। बताया जा रहा है कि घटना शनिवार सुबह लगभग सवा आठ बजे के आसपास हुई।
ऊंचाहार से कोयला खाली करके मालगाड़ी पंडित दीन दयाल उपाध्याय की ओर जा रही थी। ट्रेन अटरामपुर से चली तो उसका इंजन 13 वैगन लेकर आगे बढ़ गया, जबकि अन्य वैगन स्टेशन पर ही खड़े रह गए। मालगाड़ी के लोको पायलट को जब वैगन अलग होने का एहसास हुआ तो उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर उसे रोक दिया। इसके बाद सूचना लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम को दी गई। कंट्रोल के निर्देश पर फाफामऊ- ऊंचाहार रूट पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया।
वैगन का निरीक्षण किया गया तो मालूम पड़ा दो वैगन को जोड़ने वाली कपलिंग ही टूट गई है। उसके उखड़ जाने के कारण उसे वापस जोड़ा नहीं जा सकता था। इसे देखते हुए इंजन समेत अन्य हिस्से को 30 मिनट बाद फाफामऊ से रवाना कर दिया गया। तकरीबन 45 मिनट संबंधित रूट पर रेल संचालन प्रभावित रहा। बताया जा रहा है कि हादसे की वजह से प्रयागराज आने वाली नौंचदी एक्सप्रेस और लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस विलंबित हो गई।
इस बारे में उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के एडीआरएम अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि कपलिंग अलग हो जाने से वैगन अलग हो गए थे । हालांकि से ट्रेन संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। रूट पर ट्रेनों का संचालन सामान्य है। हादसा क्यों हुआ इसकी जांच की जाएगी।
चार माह में हुआ दूसरा हादसा
प्रयागराज-ऊंचाहार रेलखंड पर पिछले चार माह के दौरान कपलिंग टूटने का यह दूसरा मामला है। इसके पूर्व 29 नवंबर 22 को गंगा गोमती एक्सप्रेस ट्रेन हादसे का शिकार होने से बच गई। तब अटरामपुर के निकट रामचौरा रेलवे स्टेशन के पास गंगा गोमती एक्सप्रेस का इंजन बीच रास्ते में ट्रेन को छोड़कर तकरीबन 200 मीटर आगे बढ़ गई थी। गनीमत रही कि तब भी कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।