समाजसेवा : डॉक्टर बेटे की याद में मां ने अस्पताल को दान दे दी डिजिटल एक्सरे मशीन
कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ.मुकुल चंद्रा की मां शकुंतला चंद्रा और बड़ी बहन प्रोफेसर पूनम चंद्रा ने छावनी सामान्य अस्पताल को तकरीबन आठ लाख कीमत की डिजिटल एक्सरे मशीन भेंट की, क्योंकि असहायों, जरूरतमंदों की मदद करना ही उनके बेटे का सपना था।
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गौतम बुद्ध के कहे, ‘जीवन जो औरों को छूता है, सदैव जीवित रहता है’को चरितार्थ करते हुए एक ऐसे डॉक्टर बेटे की मां ने अनूठी मिसाल पेश करते हुए अस्पताल को दान में डिजिटल एक्सरे मशीन दे दी, जिसने अमेरिका में कोरोना मरीजों का इलाज करते हुए अपनी जान गवां दी थी। कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ.मुकुल चंद्रा की मां शकुंतला चंद्रा और बड़ी बहन प्रोफेसर पूनम चंद्रा ने छावनी सामान्य अस्पताल को तकरीबन आठ लाख कीमत की डिजिटल एक्सरे मशीन भेंट की, क्योंकि असहायों, जरूरतमंदों की मदद करना ही उनके बेटे का सपना था।
अपने इकलौते बेटे को याद करके शकुंतला चंद्रा की आंखें भर आईं। बोलीं, बेटा विदेश में जरूर रहता था, लेकिन उसका दिल अपने वतन के लिए हमेशा धड़कता था। मैं भी उसकी याद में उसकी तरह लोगों की मदद में अपना जीवन गुजारना चाहती हूं। जब किसी को सहयोग करती हूं तो बेटे को महसूस करती हूं। डॉ.मुकुल चंद्रा अमेरिका के डेटन ओहायो के मियामी वैली हॉस्पिटल में कॉर्डियोवैस्कुलर सर्विस लाइन के वाइस चेयरमैन और कॉर्डियक प्रिवेंटिव केयर के डायरेक्टर थे।
कोरोना की पहली लहर के दौरान मरीजों का इलाज करते हुए वह 22 मार्च 2020 को संक्रमित हुए। तकरीबन सात माह तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 19 अक्तूबर 2020 को उन्होंने हमेशा के लिए आंखें मूंद लीं। उनसे उम्र में दस वर्ष बड़ी बहन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बायो केमेस्ट्री की प्रोफेसर पूनम चंद्रा मित्तल कहती हैं, भाई को बेटे की तरह मानती थी। डॉ.चंद्रा का अपने मरीजों के प्रति जितना समर्पण था, उतना ही वह अपने परिवार के लिए समर्पित रहते थे।
माफ करना मैंने तुम्हें अकेला कर दिया
डॉ.चंद्रा जब संक्रमित हुए तो उन्होंने अपनी बहन से आखिर बार कहा था, मुझे माफ करना, मैंने तुम्हें अकेला कर दिया। प्रोफेसर पूनम चंद्रा मित्तल बताती हैं, डॉक्टर चंद्रा एक अच्छे बेटे, भाई तथा पिता थे। अपने माता-पिता की सेवा में वह कभी पीछे नहीं रहे। आखिरी बार सितंबर 2019 में टैगोर टाउन स्थित घर आए थे।
अपने वतन के लिए कुछ करने की थी चाह
मां शकुंतला चंद्रा बताती हैं, 2017 में अमेरिका से भारत आते हुए उसने प्लेन में ही एक हार्ट पेशेंट की जान बचाई थी। वह खुद से ज्यादा दूसरों की चिंता करते थे। हमेशा कहते थे, अगर मौका मिला तो अपने वतन के लिए जरूर कुछ करूंगा।
अमेरिका में बनेगा प्रिवेंशन एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर
डॉ. चंद्रा ने एक अनूठे कार्यक्रम हार्टवर्क्स का सृजन किया। इसमें ह्दय रोग के खतरे के विस्तृत आकलन के लिए बहुत सस्ते में कैल्शियम स्कोरिंग टेस्ट सहित गैर आक्रामक परीक्षण समूह की ओर से ह्दय रोग के खतरे का विस्तृत आकलन होता है। इसका बड़ा प्रभाव हुआ और उन्हें 2008 में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ड़िस्टिंग्विश्ड अचीवमेंट अवार्ड तथा डेटन बिजनेस जर्नल के हेल्थ केयर हीरो एंड इन्नोवेटर ऑफ द इयर अवार्ड से नवाजा गया। मियामी वैली हॉस्पिटल फाउंडेशन ने उनके सम्मान एवं स्मृति में डॉ.मुकुल एस चंद्रा कॉर्डियोवास्क्यूलर एंड पल्मोनरी डिसीज प्रिवेंशन एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर बनाया है।
एक मां होने के नाते अपने बेटे को खोने का मुझे अपार दु:ख है। मगर उसने लोगों की सेवा करते हुए अपनी जान गंवाई है। -शकुंतला चंद्रा, मां
डॉ.चंद्रा की स्मृति में प्रत्येक माह की 28 तारीख, जो उनकी जन्मतिथि भी है, को छावनी अस्पताल में सभी वर्ग के लोगों के लिए ओपीडी तथा सभी प्रकार की जांच नि:शुल्क होगी। इसके अलावा दवाइयों पर भी 50 प्रतिशत छूट रहेगी। - डॉ.सिद्वार्थ पांडेय, प्रोजेक्ट हेड, छावनी अस्पताल।