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महीना बीता, नहीं खुला मासूम की मौत का राज

Tue, 10 Dec 2019 01:48 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 10 Dec 2019 01:48 AM IST
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Month passed, no secret of innocent killing
प्रयागराज। ‘औलाद को खोने का दर्द जिंदगी भर तकलीफ देगा लेकिन, पुलिस का रवैया इस तकलीफ को और बढ़ा रहा है। थाने से लेकर अफसरों की चौखट तक गुहार लगा चुके हैं। पुलिस कुछ सुनने को तैयार नहीं। मजबूर हैं पर करें भी तो आखिर क्या।’ यह उस पिता का दर्द है कि जिसके पांच साल के मासूम बेटे को बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। कातिल कौन है और उसने ऐसा क्यों किया, इसका जवाब जार्जटाउन पुलिस महीने भर बाद भी नहीं खोज सकी है। पुलिस इतना जरूर करती है कि हर बार इंसाफ की गुहार लगाने थाने पहुंचे पिता को टरका देती है।
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अल्लापुर के संजय नगर में यह सनसनीखेज वारदात सात नवंबर की शाम हुई थी। यहां नर्सरी में पढ़ने वाले मासूम दीपक की घर से कुछ दूर पर ही गला रेतकर तब हत्या कर दी गई थी, जब वह खेलने निकला था। हत्यारे ने बड़ी बेरहमी से उसे मौत के घाट उतारा था। गया। हत्यारे ने उसके सिर पर भी वार किया था। जिससे उसे गंभीर चोट आई थी। माना यह भी जा रहा है कि सिर पर जोरदार वार से वह अचेत हो गया जिसके बाद गला रेतकर उसकी हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम में पता चला था कि भारी चीज से किए गए वार से उसके सिर में गहरा जख्म हुआ था, साथ ही एक हड्डी भी टूट गई थी। पुलिस ने अज्ञात में केस दर्ज किया था। हालांकि महीने भर बाद भी वह कातिल का सुराग नहीं हासिल कर सकी है। प्राइवेट फर्म में कंप्यूटर ऑपरेटर पिता सियाराम ने बताया, इतने दिनों बाद भी घर में कदम रखते ही हर तरफ बेटे का ही चेहरा नजर आता है। कई बार थाने गए। आला अफसरों की भी चौखट पर भी गुहार लगाई। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आज तक पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं दी। पहुंचने पर हर बार कोई न कोई बहाना बनाया जाता है। बताया कि पत्नी शोभा आज भी बेटे की मौत के सदमे से उबर नहीं सकी है। रहते-रहते उसे याद कर वह बिलखने लगती है।
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फिर वही जवाब, हो रही है जांच
उधर इस मामले में जार्जटाउन पुलिस ने हर बार की तरह ही सोमवार को भी रटा-रटाया जवाब दिया। पूछने पर इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने फिर एक बार यही कहा कि जांच की जा रही है। दरअसल मामले मेें पुलिस कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन सूत्रों की मानें तो शुरू से ही वह बच्चे के एक रिश्तेदार पर शक जता रही है। बड़ी बात यह है कि इसकी भी कोई ठोस वजह पुलिस के पास नहीं है। उसके पास कोई ऐसा सबूत या क्लू नहीं है, जिसके आधार पर उसे संदिग्ध ठहराया जा सके।
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