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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Money found in the barrack of Mafia Atiq's son Ali, Naini Jail jailor and chief warden suspended

Prayagraj : माफिया अतीक के बेटे अली अहमद की बैरक में मिली नकदी, नैनी जेल के जेलर और चीफ वार्डर सस्पेंड

Thu, 19 Jun 2025 12:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 19 Jun 2025 12:12 PM IST
सार

नैनी जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद की बैरक की तलाशी के दौरान नकदी मिलने पर डीआईजी जेल ने डिप्टी जेलर मुलाकाती और चीफ वार्डर को तत्काल निलंबित कर दिया है। अली से मिलने भी कोई नहीं जाता ऐसे में उसके पास रुपये कैसे मिले इसको लेकर प्रश्न खड़ा हो गया है। 

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Money found in the barrack of Mafia Atiq's son Ali, Naini Jail jailor and chief warden suspended
अली अहमद, माफिया अतीक अहमद का बेटा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

केंद्रीय कारागार नैनी की हाई सिक्योरिटी सेल में बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली की बैरक की तलाशी के दौरान उसके पास से 1100 रुपये नकदी बरामद हुई। मंगलवार को डीआईजी जेल राजेश कुमार श्रीवास्तव अचानक उसकी बैरक का निरीक्षण करने पहुंचे थे। मामले में डीआईजी जेल की रिपोर्ट पर डीजी जेल ने एक महिला डिप्टी जेलर और हेड वार्डन को बुधवार रात निलंबित करते हुए मामले में जांच बैठा दी है।

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माफिया अतीक अहमद का बेटी अली केंद्रीय कारागार नैनी में बीते 30 जुलाई 2022 से बंद है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद से अली की मुलाकात बंद हो चुकी है। सुरक्षा की दृष्टि से उसे हाई सिक्योरिटी सेल के एक कमरे में रखा गया है। यह बैरक तन्हाई बैरक के पास बनी है। अली से केवल उसके अधिवक्ता को ही मुलाकात करने की इजाजत है।
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सोमवार को अली से मुलाकात करने उसका अधिवक्ता पहुंचा था। जेल प्रशासन ने अली की तलाशी लेकर सेल के पास कमरे में अधिवक्ता से उसकी मुलाकात कराई थी। निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे के सामने उसकी मुलाकात कराई जाती है। अली की बैरक के पास सीसीटीवी कैमरे के साथ ही बंदी रक्षक 24 घंटे निगरानी करते हैं। अधिवक्ता से मुलाकात के बाद अली अपनी बैरक में चला गया। इस दौरान अधिवक्ता ने अली को नकद राशि दी।

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मंगलवार को डीआईजी जेल को इसकी भनक लगी कि अली के पास नकदी है। इसपर वह शाम को जेल पहुंचे और अली के बैरक की तलाशी ली। जांच में अली के पास से 1100 रुपये मिले। मामले में डीआईजी जेल ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी। बुधवार शाम को रिपोर्ट के आधार पर डीजी जेल ने डिप्टी जेलर कांति देवी और हेड वार्डर संजय द्विवेदी को निलंबित कर दिया।

रिपोर्ट के अनुसार हाई सिक्योरिटी सेल की सुरक्षा डिप्टी जेलर और हेड वार्डर की थी। अली को बैरक में ले जाने से पहले उसकी अच्छी तरह से तलाशी क्यों नहीं ली गई। ऐसे में मामले में जांच बैठा दी गई है। यदि अली पर सीसीटीवी व बंदीरक्षकों द्वारा निगरानी की जा रही है, तो सोमवार को पैसा लेने के बाद इसकी भनक किसी को क्यों नहीं लगी।

मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल ने बताया कि सोमवार को अली से मुलाकात के लिए अधिवक्ता आया था। मुलाकात के दौरान पैसा दिया गया था। जेल नियम के अनुसार पैसे से जेल में दिया जाने वाला कूपन लेना था। लेकिन, कूपन न लेकर अली ने वह पैसा अपने पास रख लिया। मुलाकात के दौरान मौजूद वार्डन को ध्यान देना चाहिए था कि अधिवक्ता की ओर से अली को क्या दिया जा रहा है।

सेवानिवृत्त होने वाली हैं डिप्टी जेलर कांति देवी

वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल ने बताया कि निलंबित की गई डिप्टी जेलर कांति देवी की सेवा जल्द ही समाप्त होने वाली है। सूत्रों की माने तो वह छह माह पहले ही बरेली जेल से स्थानांतरित होकर यहां आई थीं। उन्हें हाई सिक्योरिटी सेल सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाया गया था। 

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