गाजीपुर में नामांकन का आखिरी दिन: अफजाल का राजनीतिक भविष्य तय करेगी कल की सुनवाई, सजा मिली तो बढ़ेगी परेशानी
गाजीपुर लोकसभा सीट पर नामांकन दाखिल करने की आखिरी तिथि 14 मई है। 13 से 14 मई तक के 24 घंटे अफजाल अंसारी के राजनीतिक भविष्य के लिए बेहद अहम हैं।
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लोकसभा चुनाव का परिणाम चार जून को आएगा, लेकिन गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी का राजनीतिक भविष्य इलाहाबाद हाईकोर्ट सोमवार को तय करेगा। गैंगस्टर के मामले में मिली चार साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा पर हाइकोर्ट में आज अहम सुनवाई होगी। फैसला पक्ष में आया तो आखिरी दिन अफजाल गाजीपुर से नामांकन कर सकेंगे।
गैंगस्टर मामले में मिली सजा बढ़ाने के लिए सरकार और कृष्णानंद राय के परिजनों की ओर से दाखिल अपील के साथ सजा पर रोक लगाने वाली अपील पर न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह सुनवाई कर रहे हैं। गाजीपुर लोकसभा सीट पर नामांकन दाखिल करने की आखिरी तिथि 14 मई है। 13 से 14 मई तक के 24 घंटे अफजाल अंसारी के राजनीतिक भविष्य के लिए बेहद अहम हैं।
सोमवार को अदालत ने फैसला पक्ष में सुनाया तो 14 को अफजाल अंसारी गाजीपुर से नामांकन कर सकेंगे। फैसला खिलाफ होने की दशा में नामांकन फंस सकता है। क्योंकि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत दो साल से अधिक सजा पाया हुआ व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक इस मामले का निस्तारण हाईकोर्ट को 30 जून तक करना हैं।
क्या है पूरा मामला
भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में अफजाल अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज किया गया था। गाजीपुर की एमपी एमएलए अदालत ने 29 अप्रैल 2023 को गैंगस्टर मामले में उन्हें दोषी करार देते हुए चार साल की कैद और एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ अफजाल अंसारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाइकोर्ट ने फौरी राहत देते हुए उन्हें जमानत तो दी, लेकिन सजा पर रोक नहीं लगाई। इस कारण उनकी संसद सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
सुप्रीम कोर्ट ने अफजाल की सजा पर रोक लगाते हुए हाईकोर्ट में लंबित अपील को 30 जून तक निस्तारित करने का आदेश दिया था। उधर, राज्य सरकार और कृष्णानंद राय के परिवार की ओर से सजा बढ़ाए जाने की अर्जी भी दाखिल की गई है।