पूर्व वायुसेनाकर्मी ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में लिखा- मोदी जी, मेरे बेटे का ख्याल रखना
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प्रयागराज के खुल्दाबाद स्थित होटल में शनिवार रात एक सेवानिवृत्त एयरफोर्सकर्मी ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान असम के दरंगा जिला के शांतिपुर निवासी पूर्व सैन्यकर्मी बीजन के तौर पर हुई है। वह 2002 में एयरफोर्स से कारपोरल पद से रिटायर हुए थे। बीजन ने शनिवार शाम होटल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या की। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है।
पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट में लिखी बातों से यही लग रहा है कि वह अपने परिवार और बेटे के लिए कुछ न कर पाने की वजह से तनाव में था। सुसाइड नोट में पूर्व सैन्यकर्मी ने प्रधानमंत्री मोदी से बेटे की मदद करने की गुहार लगाई है। वहीं खुल्दाबाद इंस्पेक्टर ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, साथ ही परिवार वालों को सूचना भी दे दी गई है।
होटल में पूछताछ करने पर जानकारी मिली की बीजन शनिवार रात करीब 11 बजे होटल पहुंचे, बताया कि वह किसी व्यक्तिगत काम से शहर आए हैं। रविवार दोपहर काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आए, तो होटल के एक स्टाफ ने आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद कूलर के लिए बनी जाली से झांककर देखा तो उनका शव फांसी पर लटका दिखाई दिया। इसके बाद होटल कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के दौरान कपड़ों से मिले दस्तावेजों के आधार पर उनकी शिनाख्त की। इसके बाद पास ही पड़े मोबाइल के जरिए घरवालों को सूचना दी गई। जांच के दौरान ही पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला।
कोलकाता जाने के लिए निकले थे
उधर मृतक के परिजनों ने बताया कि वह कोलकाता जाने की बात कहकर घर से निकले थे। पत्नी बेबी दास ने बताया कि शनिवार दोपहर उनकी पति से फोन पर बात हुई तो उन्होंने बताया कि वह बिहार में रहने वाली बहन रीता के पास जाने के लिए दूसरी ट्रेन पर सवार हो गए हैं।
शाम को फिर फोन मिलाया तो उनका फोन बंद मिला और फिर उनसे संपर्क नहीं हो सका। शाम को उनकी मौत की खबर मिली। बताया कि उनका 19 साल का एक बेटा विवेक दास है, जो सिंगिंग रियलिटी शो में भी भाग ले चुका है।
क्या लिखा है सुसाइड नोट में
‘सबको खुश रखने में मैं किसी को खुश नहीं कर सका। मैंने अपने बेटे के साथ भी नाइंसाफी की। मैं उसे अच्छा बचपन नहीं दे सका और यहां तक कि उसके लिए एक घर भी नहीं बनवा सका। अब न देश के लिए उपयोगी हूं और न ही अपने परिवार के लिए।
वह अच्छा गायक है लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से मैं उसे आगे नहीं बढ़ा सका। प्रशासन से निवेदन है कि मेरा शव यहीं दफना दिया जाए। साथ ही मेरे परिवार या बेटे को इसकी सूचना न दी जाए क्योंकि मैं नहीं चाहता कि वह मेरी लाश को देखें। सुसाइड नोट में मृतक ने पीएम मोदी से अपने बेटे की मदद करने की भी गुहार लगाई है।'