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मोदी को अपराधी बताने पर गूगल को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 20 Jul 2016 01:53 AM IST
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गूगल मैप
- फोटो : फाइल फोटो
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इंटरनेशनल सर्च इंजन गूगल द्वारा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो टॉप टेन अपराधियों की सूची में छापने पर इलाहाबाद की जिला अदालत ने गूगल को नोटिस जारी किया है। गूगल पर मुकदमा दर्ज करने की अर्जी सीजेएम कोर्ट से खारिज होने के बाद इसके खिलाफ निगरानी(रिवीजन) दाखिल की गई है। कोर्ट ने निगरानी सुनवाई के लिए मंजूर करते हुए गूगल को नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई 31 अगस्त को होगी।
भाजपा नेता और अधिवक्ता सुशील मिश्र ने इस मामले पर सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था। सीजेएम ने परिवाद खारिज कर दिया तो उन्होंने इसके खिलाफ निगरानी दाखिल कर दी है। आरोप है कि अमेरिकी मल्टी नेशनल कंपनी गूगल सर्च इंजन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम और फोटो दुनिया भर के टॉप टेन अपराधियों की सूची में डाल दिया। यह देश को और प्रधानमंत्री को बदनाम करने की सोची समझी साजिश है।
इस कार्य से देश की प्रतिष्ठा धूमिल हुई और यह कार्य मानहानि की श्रेणी में आता है। पूर्व में सीजेएम कोर्ट ने यह कहते हुए अर्जी खारिज कर दी थी कि मामला दीवानी प्रकृति का है और किसी अपराध का होना नहीं पाया जा रहा है। इस आदेश के खिलाफ निगरानी दाखिल की गई है। वादी का कहना है कि गूगल ने भारत के प्रधानमंत्री की छवि खराब करने के लिए गलत पोस्ट की है।
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भाजपा नेता और अधिवक्ता सुशील मिश्र ने इस मामले पर सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था। सीजेएम ने परिवाद खारिज कर दिया तो उन्होंने इसके खिलाफ निगरानी दाखिल कर दी है। आरोप है कि अमेरिकी मल्टी नेशनल कंपनी गूगल सर्च इंजन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम और फोटो दुनिया भर के टॉप टेन अपराधियों की सूची में डाल दिया। यह देश को और प्रधानमंत्री को बदनाम करने की सोची समझी साजिश है।
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इस कार्य से देश की प्रतिष्ठा धूमिल हुई और यह कार्य मानहानि की श्रेणी में आता है। पूर्व में सीजेएम कोर्ट ने यह कहते हुए अर्जी खारिज कर दी थी कि मामला दीवानी प्रकृति का है और किसी अपराध का होना नहीं पाया जा रहा है। इस आदेश के खिलाफ निगरानी दाखिल की गई है। वादी का कहना है कि गूगल ने भारत के प्रधानमंत्री की छवि खराब करने के लिए गलत पोस्ट की है।
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