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मोबाइल बाजार ने पकड़ी रफ्तार, हर रोज की बिक्री एक करोड़ के पार
Sat, 06 Jun 2020 12:46 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 06 Jun 2020 12:46 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
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प्रयागराज। लॉक डाउन की वजह से तकरीबन दो माह तक बंद रहने के बाद शहर के मोबाइल फोन बाजार ने अपनी रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। शहर में भले ही रोस्टर के हिसाब से मोबाइल की दुकानें सप्ताह में तीन दिन ही खुल रही हों लेकिन लोग अब मोबाइल खरीदने के लिए निकलने लगे हैं। एक अनुमान के मुताबिक शहर के मोबाइल बाजार में प्रतिदिन बिक्री का आंकड़ा एक करोड़ से ज्यादा का हो गया है। इससे मोबाइल कारोबारियों को भी थोड़ी राहत मिली है।
पिछले माह 20 मई से ही शहर में मोबाइल की दुकानें सप्ताह में तीन दिन से खुलने की अनुमति मिली है। शुरूआत में मोबाइल का बिजनेस थोड़ा धीमा रहा, लेकिन अब तमाम लोगों के वर्क फ्राम होम एवं बच्चों की ऑनलाइन क्लास की वजह से इसकी बिक्री में लगातार इजाफा हो रहा है। आलम यह है कि शहर के बाजार से दस से 15 हजार रेंज के मोबाइल का स्टॉक भी धीमे-धीमे खत्म होने लगा है। कारोबारियों का कहना है कि डिमांड के हिसाब से बाजार में कंपनियां मोबाइल की सप्लाई नहीं कर रही हैं। दस से 15 हजार रुपये तक की रेंज का स्टॉक खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। अब ज्यादा रेंज वाले फोन कंपनियां अधिक भेज रही हैं। इसके अलावा लॉक डाउन के दौरान बहुत से लोगों के फोन भी खराब हुए। अधिकांश ने मोबाइल की मरम्मत करवाने की बजाय नया मोबाइल खरीदना ही बेहतर समझा।
लॉक डाउन के पूर्व शहर के मोबाइल बाजार में हर रोज डेढ़ से दो करोड़ रुपये के फोन आसानी से बिकते थे। धीमे-धीमे इसी आंकड़े के करीब मोबाइल फोन की बिक्री पहुंच गई है। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने बताया कि मोबाइल फोन की बिक्री के हिसाब से लॉकडाउन के दौरान 80 करोड़ रुपये से ज्यादा का मोबाइल का कारोबार प्रभावित हुआ। लेकिन अब इस ट्रेड ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। लक्ष्मण मार्केट में मोबाइल शॉप चलाने वाले अरविंद ने कहा कि छह दिन दुकान खुले तो मोबाइल बाजार में और ज्यादा तेजी आ सकती है।
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मोबाइल पार्ट्स न मिलने से बढ़ी दिक्कत
शहर में मोबाइल की दुकानें भले ही खुल गई हों लेकिन अधिकतर कंपनियों के सर्विस सेंटर पर मोबाइल मरम्मत के लिए बाहर से पार्ट्स न आने से दिक्कत हो रही है। इस वजह से भी लोग मरम्मत की बजाय नया सेट खरीदना ही पसंद कर रहे हैं। कीडगंज में मोबाइल फोन विक्रेता पवन चौरसिया ने कहा कि लॉक डाउन के पहले मोबाइल का जो डिस्प्ले एक से दो हजार में मिलता था वह अब चार से पांच हजार तक का हो गया है।
मोबाइल बाजार में तकरीबन लॉक डाउन के पहले वाला माहौल हो गया है। इधर बिक्री ठीक हुई है। इसी वजह से कंपनियां दस से 15 हजार तक की रेंज वाले फोन की सप्लाई कम कर रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक बाजार में एक करोड़ से ज्यादा का कारोबार वर्तमान समय हो रहा है।
विपिन गुप्ता,अध्यक्ष ,इलाहाबाद मोबाइल डीलर एसोसिएशन।
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पिछले माह 20 मई से ही शहर में मोबाइल की दुकानें सप्ताह में तीन दिन से खुलने की अनुमति मिली है। शुरूआत में मोबाइल का बिजनेस थोड़ा धीमा रहा, लेकिन अब तमाम लोगों के वर्क फ्राम होम एवं बच्चों की ऑनलाइन क्लास की वजह से इसकी बिक्री में लगातार इजाफा हो रहा है। आलम यह है कि शहर के बाजार से दस से 15 हजार रेंज के मोबाइल का स्टॉक भी धीमे-धीमे खत्म होने लगा है। कारोबारियों का कहना है कि डिमांड के हिसाब से बाजार में कंपनियां मोबाइल की सप्लाई नहीं कर रही हैं। दस से 15 हजार रुपये तक की रेंज का स्टॉक खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। अब ज्यादा रेंज वाले फोन कंपनियां अधिक भेज रही हैं। इसके अलावा लॉक डाउन के दौरान बहुत से लोगों के फोन भी खराब हुए। अधिकांश ने मोबाइल की मरम्मत करवाने की बजाय नया मोबाइल खरीदना ही बेहतर समझा।
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लॉक डाउन के पूर्व शहर के मोबाइल बाजार में हर रोज डेढ़ से दो करोड़ रुपये के फोन आसानी से बिकते थे। धीमे-धीमे इसी आंकड़े के करीब मोबाइल फोन की बिक्री पहुंच गई है। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने बताया कि मोबाइल फोन की बिक्री के हिसाब से लॉकडाउन के दौरान 80 करोड़ रुपये से ज्यादा का मोबाइल का कारोबार प्रभावित हुआ। लेकिन अब इस ट्रेड ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। लक्ष्मण मार्केट में मोबाइल शॉप चलाने वाले अरविंद ने कहा कि छह दिन दुकान खुले तो मोबाइल बाजार में और ज्यादा तेजी आ सकती है।
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मोबाइल पार्ट्स न मिलने से बढ़ी दिक्कत
शहर में मोबाइल की दुकानें भले ही खुल गई हों लेकिन अधिकतर कंपनियों के सर्विस सेंटर पर मोबाइल मरम्मत के लिए बाहर से पार्ट्स न आने से दिक्कत हो रही है। इस वजह से भी लोग मरम्मत की बजाय नया सेट खरीदना ही पसंद कर रहे हैं। कीडगंज में मोबाइल फोन विक्रेता पवन चौरसिया ने कहा कि लॉक डाउन के पहले मोबाइल का जो डिस्प्ले एक से दो हजार में मिलता था वह अब चार से पांच हजार तक का हो गया है।
मोबाइल बाजार में तकरीबन लॉक डाउन के पहले वाला माहौल हो गया है। इधर बिक्री ठीक हुई है। इसी वजह से कंपनियां दस से 15 हजार तक की रेंज वाले फोन की सप्लाई कम कर रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक बाजार में एक करोड़ से ज्यादा का कारोबार वर्तमान समय हो रहा है।
विपिन गुप्ता,अध्यक्ष ,इलाहाबाद मोबाइल डीलर एसोसिएशन।