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एमएनएनआईटी को भरना होगा पांच करोड़ गृहकर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 04 May 2016 01:39 AM IST
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ऑल इंडिया रैंकिंग में 23वें स्थान पर काबिज मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) आए दिन किसी न किसी विवाद का कारण बनता है। पिछले दिनों यहां के एक शिक्षक पर नौकर को बंधक बनाने का आरोप लगा। अब एमएनएनआईटी गृहकर मद में बकाया तकरीबन पांच करोड़ रुपये को लेकर सुर्खियों में है। नगर निगम की ओर से बकाया गृहकर का नोटिस भेजने और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का खाता सीज करने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने इस मामले में न्यायालय में गुहार लगाई लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। अब संस्थान को पांच करोड़ रुपये नगर निगम को अदा करना होगा। नगर निगम प्रशासन बकाया गृहकर वसूली की तैयारी कर रहा है।
कहते को तो एमएनएनआईटी कैपेंस सेलेक्शन में छात्रों को बड़े-बड़े पैकेज पर नौकरी मिलने के लिए विख्यात है लेकिन ताजा मामला बकाया गृहकर को लेकर है। एमएनएनआईटी पर वित्तीय वर्ष 2015-16 तक का तकरीबन पांच करोड़ रुपये बकाया है। नगर निगम प्रशासन ने टैक्स जमा करने के लिए एमएनएनआईटी प्रशासन को कई बार नोटिस जारी किया लेकिन टैक्स नहीं जमा हुआ।
निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्र ने बताया कि इस मामले में कॉलेज प्रबंधन ने लघुवाद न्यायालय में अपील की। नगर निगम की ओर से करीब दो माह पहले बैंक खाता सीज होने के बाद एमएनएनआईटी प्रशासन ने हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल की लेकिन दोनों जगह से राहत नहीं मिली। पिछले दिनों लघुवाद न्यायालय से भी याचिका खारिज हो गई। उन्होंने बताया कि अब एमएनएनआईटी प्रशासन से बकाया टैक्स की वसूली की जाएगी। साथ ही वित्तीय वर्ष 2016-17 का भी गृहकर बिल भेजा जाएगा।
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कहते को तो एमएनएनआईटी कैपेंस सेलेक्शन में छात्रों को बड़े-बड़े पैकेज पर नौकरी मिलने के लिए विख्यात है लेकिन ताजा मामला बकाया गृहकर को लेकर है। एमएनएनआईटी पर वित्तीय वर्ष 2015-16 तक का तकरीबन पांच करोड़ रुपये बकाया है। नगर निगम प्रशासन ने टैक्स जमा करने के लिए एमएनएनआईटी प्रशासन को कई बार नोटिस जारी किया लेकिन टैक्स नहीं जमा हुआ।
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निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्र ने बताया कि इस मामले में कॉलेज प्रबंधन ने लघुवाद न्यायालय में अपील की। नगर निगम की ओर से करीब दो माह पहले बैंक खाता सीज होने के बाद एमएनएनआईटी प्रशासन ने हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल की लेकिन दोनों जगह से राहत नहीं मिली। पिछले दिनों लघुवाद न्यायालय से भी याचिका खारिज हो गई। उन्होंने बताया कि अब एमएनएनआईटी प्रशासन से बकाया टैक्स की वसूली की जाएगी। साथ ही वित्तीय वर्ष 2016-17 का भी गृहकर बिल भेजा जाएगा।
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