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एमएनएनआईटी : परिजनों ने नहीं दी तहरीर, एमटेक छात्रा की मौत का राज गहराया

Tue, 07 Dec 2021 12:10 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 07 Dec 2021 12:10 AM IST
सार

जया की शनिवार रात अचानक बीपी की गोलियां खाने के बाद तबियत बिगड़ गई थी जिसकेबाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार दोपहर उसकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम केबाद परिजनाें ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

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MNNIT: Family did not give Tahrir, the secret of death of MTech student deepened
Crime

विस्तार

शिवकुटी स्थित एमएनएनआईटी में एमटेक छात्रा जया पांडेय(24) की मौत का राज दूसरे दिन भी नहीं खुल सका। परिजनों की ओर से कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई। साथ ही उसके पिता छात्रा का मोबाइल भी अपने साथ ले गए। फोरेंसिक जांच के दौरान टीम को मौके से कोई ऐसा सबूत नहीं मिला, जिससे मौत के राज से पर्दा उठ सके। पुलिस का कहना है कि परिजन कोई तहरीर देते हैं, तो आगे कार्रवाई की जाएगी।

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जया की शनिवार रात अचानक बीपी की गोलियां खाने के बाद तबियत बिगड़ गई थी जिसकेबाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार दोपहर उसकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम केबाद परिजनाें ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। हालांकि मौत का राज दूसरे दिन भी राज ही बना रहा।
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पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक टीम को छात्रा केहॉस्टल स्थित कमरे से कोई सुसाइड नोट या अन्य चीज नहीं मिली। एक दवा का रैपर जरूर मिला, जिसकी लगभग आधी गोलियां खाई जा चुकी थीं। मोबाइल भी मिला लेकिन वह लॉक था। जिसे उसके पिता ने कब्जे में ले लिया। देर रात पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर रवाना हो गए। हालांकि मोबाइल पुलिस को नहीं दिया। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। उनकी ओर से कोई शिकायत मिलती है तो जांच पड़ताल की जाएगी।
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किसी बात को लेकर तनाव में थी छात्रा
मामले में परिजन और पुलिस कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हों लेकिन जानकारों का कहना है कि छात्रा किसी बात को लेकर गंभीर तनाव में थी। ऐसा न होता तो एमटेक की पढ़ाई कर रही छात्रा इतनी ज्यादा मात्रा में दवाएं किसी भी कीमत पर न खाती। तनाव पढ़ाई को लेकर भी हो सकता है और इसका कोई व्यक्तिगत कारण भी हो सकता है। जांच का विषय यह भी है कि उसकेपास बीपी की दवा कहां से आई जबकि वह पहले से बीमार नहीं थी। 

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