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नारी की पूजा करें या न करें, उन्हें अधिकार जरूर दें

Sun, 22 Sep 2019 12:51 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 22 Sep 2019 12:51 AM IST
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MNNIT - फोटो : CITY DESK
‘कार्यस्थल पर लैंगिक समानता’ विषय पर बोलीं मंत्री स्वाति सिंह
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एमएनएनआईटी में कार्यशाला के दौरान योजनाओं की दी जानकारी
प्रयागराज। एमएनएनआईटी में शनिवार को ‘कार्यस्थल पर लैंगिक समानता’ विषयक कार्यशाला में प्रदेश सरकार की महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार मंत्री स्वाति सिंह ने कहा कि नारी की पूजा करें या न करें परंतु उन्हें अधिकार जरूर दें। बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने बताया कि सरकार महिलाओं को सुरक्षा का माहौल देने के लिए संकल्पबद्ध है। लड़के और लड़कियों के बीच अंतर खत्म करने की शुरुआत घर से करनी होगी। इसके अलावा मंत्री ने सरकार की ओर से महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी।
स्वाति सिंह ने कार्यशाला के दौरान तीन ‘स’ के सिद्धांत के जरिए महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने की वकालत की। तीन ‘स’ में संविधान, सरकार एवं समाज को सामने रखकर उसकी व्याख्या की। उन्होंने कहा कि संविधान ने सबको बराबरी के अधिकार दिए हैं, सरकार ने नियम और कानून बनाकर महिलाओं को बराबरी का अवसर दिया, इसके बाद भी समाज अपना दायित्व निभाने में असफल रहा। उन्होंने कहा कि समाज की परिस्थितियां ऐसी होनी चाहिए, जिससे लड़कियां बिना किसी भय के लड़कों के समान अवसर प्राप्त कर सकें। एमएनएनआईटी की पुरा छात्रा स्वाति सिंह ने हॉस्टल में रहकर ली गई शिक्षा के बारे में अपनी बात साझा की।
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संस्थान में छात्राओं को मिलती हैं पूरी सुरक्षा, सुविधाएं
एमएनएनआईटी के निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी ने कहा कि संस्थान अपने दायित्व को समझता है, संस्थान में महिलाओं के लिए उपयुक्त माहौल है। छात्राओं को सभी प्रकार की सुरक्षा एवं सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। कार्यशाला की अध्यक्ष प्रो. गीतिका ने कहा कि राष्ट्र के विकास के लिए महिला एवं पुरुषों को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है। मुख्य वक्ता प्रो. दीपा पुनेठा ने कहा कि महिलाओं एवं पुरुषों की विचारधारा में मूलभूत अंतर के कारण दोनों पक्षों को अलग तरीके से सोचने की आवश्यकता है। कार्यशाला में शिल्पी मिचेल ने भी विचार रखे। संयोजन प्रो. विजया भदौरिया एवं प्रो. रिचा नेगी ने किया। संचालन डॉ. मनीषा सचान एवं शालिनी शुक्ला ने किया।
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