इलाहाबाद-झांसी निर्वाचन क्षेत्र के लिए सोमवार को प्रयागराज में कुल 68.62 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान स्थल परिसर में नेताओं के घूसने, समर्थकों के बीच झड़प समेत छिटपुट शिकायतों को छोड़ दें तो मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। बैलेट बॉक्स झांसी भेजे जाने की प्रक्रिया देर रात तक जारी रही। जिले में कुल 16803 मतदाताओं के लिए 36 बूथ बनाए गए हैं। इनमें से महिला मतदाताओं की संख्या 5892 रही। सुबह आठ से शाम चार बजे तक कुल 11530 शिक्षकों ने मताधिकार का उपयोग किया। 3481 महिला शिक्षकों ने वोटिंग की।
MLC Election : शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान खत्म, 68.62 फीसदी पड़े वोट
जिले में कुल 16803 मतदाताओं के लिए 36 बूथ बनाए गए हैं। इनमें से महिला मतदाताओं की संख्या 5892 रही। सुबह आठ से शाम चार बजे तक कुल 11530 शिक्षकों ने मताधिकार का उपयोग किया। 3481 महिला शिक्षकों ने वोटिंग की।
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प्रयागराज में सबसे कम तदान
इलाहाबाद-झांसी निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत प्रयागराज में सबसे कम मतदान हुआ है। 10 जिलों में 34513 मतदाता हैं। इनमें से 26295 शिक्षकों ने मतदाधिकार का उपयोग किया। यानि, 76 फीसदी वोटिंग हुई। इसके विपरीत प्रयागराज में सबसे कम 68.62 प्रतिशत वोट पड़े। सबसे अधिक महोबा एवं ललितपुर में 91 प्रतिशत मतदान हुआ।
गड़बड़ी की शिकायतों संग जगह-जगह हुई झड़प
एमएलसी चुनाव में गड़बड़ी की शिकायतों संग झड़प भी हुई। कई जगहों पर समर्थकों एवं नेताओं के खिलाफ मतदान केंद्र में भी प्रवेश करने की शिकायत रही। शिक्षक संघ के प्रत्याशी सुरेश चंद्र त्रिपाठी ने इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग से भी की है।
बूथ के सामने ही पंडाल लगाए जाने को लेकर हंडिया में भाजपा कार्यकर्ताओं एवं एसडीएम सार्थक अग्रवाल के बीच झड़प हुई। निरीक्षण के लिए पहुंचे एसडीएम ने पंडाल हटाने के लिए कहा तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। पास ही में सपा का पंडाल का भी पंडाल लगा था। हालांकि, विवाद के दौरान ही सपा कार्यकर्ताओं ने अपना पंडाल हटा लिया।
एमएनएनआईटी मतदान केंद्र के सामने तो कई बार झड़प हुई। सुरेश त्रिपाठी एवं सपा उम्मीदवार के समर्थकों का कहना था कि कुछ लोग खास रंग का गमझा बांधकर वोट देने पहुंचे थे। उनके पहचान पत्र भी नहीं देखे जा रहे थे। किदवई इंटर कॉलेज बूथ पर भाजपा एवं सपा समर्थकों के बीच काफी झड़प हुई। अफसरों ने स्थिति संभाली।
बहादुरपुर एवं चाका ब्लाॅक में प्रमुख के परिसर में होने की शिकायत हुई।
हालांकि, बताया कि जा रहा है कि आपत्ति के बाद वे लोग चले गए। सुरेश त्रिपाठी के अलावा सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव ने भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने प्रशासन पर भी भाजपा की ओर झुकाव होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सोरांव ब्लॉक में भाजपा की होर्डिंग परिसर में लगाकर आचार संहिता का खुला उल्लंघन किया गया।
घरों से ज्यादा दूरी भी बनी कम वोटिंग की वजह
शिक्षक मतदाताओं की चुप्पी को देखते हुए उन्हें बूथ तक पहुंचाने की चुनौती पहले से थी। ऐसे में 10 किमी दूर तक मतदान केंद्र बनाए जाने से चुनौती और बढ़ गई। झूंसी के मतदाताओं का मतदान केंद्र करीब 10 किमी दूर बहादुरपुर ब्लॉक में बनाया गया था। इसी तरह से फाफामऊ के वोटरों का सोरांव तथा नैनी के मतदाताओं का चाका में मतदान केंद्र था। कम मतदान के पीछे यह बड़ी वजह मानी जा रही है। शिक्षक संघ के प्रत्याशी सुरेश चंद्र त्रिपाठी के प्रतिनिधि आशू का कहना है कि इसे लेकर शिकायत की गई थी। झूंसी, फाफामऊ में एक-एक बूथ बनाने की मांग की गई थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
... लेकिन वोटर लिस्ट में नहीं था नाम
राजकीय इंटर कॉलेज में संस्कृत की प्रवक्ता सुनीता का तेलियरगंज में मकान है। वह एमएनएनआईटी मतदान केंद्र पर वोट देने पहुंचीं तो उन्हें रोक दिया गया। उन्हें बताया गया कि वोटर लिस्ट में नाम नहीं है। जबकि, एक अन्य सूची में उनका नाम था। पूछताछ के बाद पता चला कि उनका नाम विलोपितों की सूची में शामिल है। इसे लेकर उन्होंने आपत्ति जताई लेकिन वोट देने से वंचित रहीं। इसी तरह की शिकायत नया कटरा स्थित प्राथमिक विद्यालय बूथ पर पहुंची नैनी स्थित उच्च शिक्षण संस्थान में अध्यापक अमृता की भी रही। खास यह कि इसी संस्थान में अध्यापक अमृता के बेटे ने वोट डाला।